नक्सली हिड़मा पर बने वीडियो को 4 लाख लोगों ने देखा,फिल्म बनाने पर जोर - rashtrmat.com

नक्सली हिड़मा पर बने वीडियो को 4 लाख लोगों ने देखा,फिल्म बनाने पर जोर

 राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बस्तर में आदिवासी लोग नक्सली हिड़मा के मारे जाने के बाद सरकार के खिलाफ है। वहीं उसे शहीद बताया जा रहा है। नक्सली हिड़मा के बारे में सोशल मीडिया में इन दिनों एक गीत चल रहा है। एआई से बनाए गये वीडियो में नक्सली हिड़मा को हीरो बताया गया है। गीत के बोल सरकार विरोधी हैं। सोशल मीडिया में नक्सली हिड़मा को लेकर जिस तरकी कसीदे गढ़े गए हैं,उससे एक बात साफ है कि अर्बन नक्सली नाराज हैं नक्सली हिड़मा को जिस तरह पुलिस मारी है। उसके एनकाउंटर को आदिवासी समाज का एक तबका फर्जी बता रहा है। वो मानता है कि नक्सली हिड़मा जब तक था तभी तक जंगल,जमीन पानी आदिवासी के लिए था,अब उस पर उद्योगपतियों का कब्जा हो जाएगा।

यूट्यूबर के खिलाफ UAPA के तहत FIR

पुलिस ने संबंधित वीडियो यू-ट्यूबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कुख्यात नक्सली माडवी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर उसके समर्थन में भड़काऊ गाना रिलीज हुआ है। कला टीवी नाम के यू-ट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड किया गया है। रायपुर में सिविल लाइन पुलिस ने यूट्यूबर के खिलाफ UAPA के तहत FIR दर्ज की है।

फोर्स की कार्रवाई को गलत बताया

गाने में बोल है…’ओ रे केन्द्र वाले, ओर रे कोबरा वाले, क्यों है ये कब्जा, क्यों लूट रहे। ओ रे बंदूकवाले जंगल का चीर डाला सीना’ जैसे शब्दों के माध्यम से सरकार और फोर्स की कार्रवाई को गलत बताया जा रहा है। वीडियो में AI से बनाई गई तस्वीरों का भी उपयोग किया गया है।वीडियो में नक्सली हिड़मा की मौत को शहादत बताया गया है। केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों की नीति पर टिप्पणी की गई है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो नक्सली विचारधारा को बढ़ावा देने और मुख्यधारा में लौट चुके नक्सलियों को भड़काने के उद्देश्य से बनाया गया है।

भड़काऊ वीडियो   4 लाख लोगों ने देखा

कला टीवी यू-ट्यूब चैनल पर हिड़मा स्मृति लिखकर अपलोड किया गया है। अपलोड वीडियो करीब 5.20 मिनट का है। वीडियो में हिड़मा को महान बताया है। साथ ही फोर्स की कार्रवाई पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है। भड़काऊ वीडियो को करीब 4 लाख लोगों ने देख लिया है।वीडियो में हिड़मा को फोर्स से अकेले लड़ते और गोलीबारी करते दिखाया है। फोर्स की गोली लगने से घायल दिखाया है। जंगलों की कटाई और पहाड़ों पर कब्जा दिखाया है। पहाड़ पर बड़ी-बड़ी मशीनों से खुदाई और जंगलों की कटाई दिखाया गया है।इसके साथ ही गाने में है कि हमारा उबलता लहू हिड़मा…बढ़ती सेना हिड़मा हमारी बंदूक…हमारी हिम्मत तू हिड़मा और हमारा चमकता हिड़मा। हमारे हक की जंग है हिड़मा, ओ रे बंदूकवाले जंगल का चीर डाला सीना’ जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है।

नक्सल विचारधारा फैलाने वालों पर

मामले में सिविल लाइन CSP रमाकांत साहू ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्रांच की सोशल मीडिया निगरानी समिति ने इसकी जांच शुरू की है। समिति ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित चैनल के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने ‘कला टीवी’ चैनल के संचालक के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान आईपी एड्रेस के आधार पर की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।CSP रमाकांत साहू ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देशविरोधी गतिविधियों या नक्सल समर्थक सामग्री को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तकनीकी निगरानी बढ़ाई जा रही है। जिससे नक्सल विचारधारा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

 हिड़मा पर फिल्म बननी चाहिए

इसके समर्थन वाले इस गाने के कमेंट्स पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। अशोक नाम के यूजर ने इस दिल को छूने वाला गाना बातकर हिड़मा को क्रांति वीर बताया है। ब्रिला नाम के एक यूजर ने गाने को क्रांतिकारी बताया है। वही पवन नाम के यूजर का कहना है कि हिड़मा पर फिल्म बननी चाहिए। फिलहाल सिविल लाइन पुलिस इस पूरे मामले में जांच में जुट गई है।