राष्ट्रमत न्यूज रीवा(ब्यूरो)।मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के गृह जिला रीवा में ड्रग्स,कोरेक्स, और ब्ल्यू फिल्म बनाने के बाद अब विस्फोटक सामग्री का धंधा भी होने लगा है। यह सब यूपी से आ रहा है। भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की तस्करी किसी अनजाने हादसे की ओर इशारा करते हैं। यह अलग बात है कि पुलिस ने विस्फोटक सामग्री लाने वालों को पकड़ लिया है। लेकिन चार सौ डेटोनेटर से समझा जा सकता है कि दिल्ली के लाल किले में हुए हादसे भी बड़ा हादसा अपराधी कर सकते हैं।

UP से डिटोनेटर रीवा आ रहे
यूपी में अपराध का ग्राफ एम पी से अधिक है। बावजूद इसके यूपी से सटे रीवा के ग्रामीण क्षेत्र के लोग वहां से कारेक्स,ड्रग्स,के बाद विस्फोटक सामग्री का भी धंधा करने लगे हैं। ट्रेन के जरिये भारी मात्रा में डिटोनेटर लाए गए। चार सौ नग डिटोनेटर थे।बाजार में पहुंचने से पहले डभौरा पुलिस ने आरोपियों का पकड़ लिया। अवैध विस्फोटक सामग्री मानिकपुर के जरिये रीवा जिले में आ रहे हैं।
दो झोले में विस्फोट सामान
मुखबिर की सूचना पर डभौरा पुलिस ने डभौरा स्टेशन पर जनता एक्सप्रेस ट्रेन से विस्फोट सामग्री लेकर जैस ही उतरे पुलिस ने विनोद माझी निवासी सोहागी और पूजा मांझी निवासी ग्राम छदेनी, थाना जवा के निवासी की तलाशी ली। उनके पास से दो झोले में भारी मात्रा में विस्फोटक समान के अलावा केबल भी मिले। एसपी शैलेंद्र सिंह चैहान को इस तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद डभौरा थाना प्रभारी ऋषभ सिंह बघेल को इसकी सूचना दी गयी। और थाना प्रभारी ने सतर्कता से आरोपियों को पकड़ा।

मगर है खतरनाक
पुलिस अब कह रही है कि यह डिटोनेटर नहीं है,लेकिन उसके जैसा दिखता है।यह एक्सप्लोसिव है।लेकिन खतरनाक है। इसका विस्फोट होने पर चार पांच किमी तक असर दिखता है। वहीं पुलिस का कहना है कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि डिटोनेटर का धंधा करने वाले इसमें सक्रिय नहीं है। खनन में इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में बड़ा हादसा इससे हो सकता है। पुलिस एक ओर कह रही है कि यह डिटोनेटर नहीं है। वहीं यह भी कह रही है कि डिटोनेटर के धंधेबाज भी हैं। जाहिर सी बात है कि पुलिस को पता है कि रीवा जिले में कौन कौन सा विस्फोटक सामान की तस्करी होती है।