राष्ट्रमत न्यूज भोपाल(ब्यूरो)।मध्यप्रदेश में IAS संतोष वर्मा के बयान पर अब राजानीति शुरू हो गयी है। पूर्व गृहमंत्री नरोतम मिश्रा ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की मांग की है,वहीं अब अनुसूचित जाति समाज, मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ अजाक्स उनके समर्थन में सामने आ गया है। डाॅ अंबेडकर जनकल्याण समिति ने प्रेस वार्ता कर ब्राह्मण समाज को चेतावनी दी कि बयान को बेवजह विवादित बनाकर जातिगत तनाव पैदा करने की कोशिश न करें। संतोष के तीस सेकंड के बयान का वायरल किया गया है जबकि वो 30 मिनट तक भाषण दिये हैं।

पुतला दहन करेंगे
समिति के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने कहा कि संतोष वर्मा का पूरा भाषण 27 मिनट का था, लेकिन उसका सिर्फ 30 सेकंड वाला हिस्सा वायरल कर गलत अर्थ निकालने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि संतोष वर्मा एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और कभी भी किसी जाति को लेकर गलत टिप्पणी नहीं कर सकते। इसके बाद भी उन्होंने किसी की भावना आहत न हो इसलिए माफी भी मांग ली है। सुनील ने कहा कि बुधवार को यह ज्ञापन सौंपेंगे और अगर उस पर कार्यवाही नहीं हुई तो 7 दिन के अंदर पुतला दहन करेंगे।
तिवारी पर गंभीर आरोप
अहिरवार ने हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तिवारी ने संतोष वर्मा की पत्नी को लेकर अशोभनीय एवं अभद्र टिप्पणी की, जिससे अनुसूचित जाति समाज की भावना आहत हुई हैं। ऐसे बयान एक गरिमामय पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देते। इसी वजह से समिति आगामी दिनों में चंद्रशेखर तिवारी का पुतला फूंकने की तैयारी कर रही है।
बयान को तोड़-मरोड़कर
अहिरवार ने कहा कि आज भी देश में जातिगत भेदभाव खत्म नहीं हुआ है। अनुसूचित जाति समाज के लोग बड़े पदों पर पहुंच रहे हैं, IAS बन रहे हैं, यह बात मनुवादी सोच के लोगों को पच नहीं रही है। इसलिए बयान को तोड़-मरोड़कर दलित समाज को बदनाम करने की कोशिश हो रही है।