कक्षा में बंद रह गयी पहली की छात्रा, ढूंढते ढूंढते पिता पहुंचे स्कूल - rashtrmat.com

कक्षा में बंद रह गयी पहली की छात्रा, ढूंढते ढूंढते पिता पहुंचे स्कूल

राष्ट्रमत न्यूज,कांकेर(ब्यूरो)। बस्तर के कांकेर जिले आत्मानंद प्राथमिक शाला हरनगढ़ में पहली कक्षा की एक छात्रा गुंजन कक्षा में ही रह गई। स्कूल प्रबंधन निरीक्षण किए बिना ही कक्षा में तला लगा दिया।शाम तक जब छात्रा अपने घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हुए। परिजन जब स्कूल पहुंचे तो बच्ची के रोने की आवाज सुने।प्राचार्य को सूचित किया गया। वो चपरासी को लेकर स्कूल पहुंची। तब ताला खोलकर मासूम को बाहर निकाला गया। शिक्षकों और चपरासी की इस गंभीर लापरवाही के चलते बच्ची घंटों तक तक क्लासरूम में कैद रही।


ढूंढते ढूंढते जब पिता स्कूल पहुंचे
गुंजन जो ग्राम पीवी8 की निवासी है। रोजाना स्कूल बस से घर लौटती है। छुट्टी के समय वह थकान से क्लासरूम में ही सो गई। शिक्षक और स्टाफ ने कक्षाओं की जांच किए बिना ताले जड़ दिए और चले गए। शाम करीब चार बजे जब गुंजन घर नहीं पहुंची तो परिजनों में हड़कंप मच गया।उन्होंने आसपास और बस स्टाप पर तलाश किये। लेकिन कहीं सुराग नहीं मिला। घंटेभर की मशक्कत के बाद पिता राम मंडल स्कूल पहुंचे। बाहर से ही क्लासरूम के अंदर रोने की आवाज सुनाई दी। राम ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और गुंजन को आवाज दी। सूचना मिलते ही स्कूल की शिक्षिका दिक्षिका साहू और चपरासी पहुंचे। उन्होंने तुरंत ताला खोलकर बच्ची को बाहर निकाला। इस दौरान बच्ची डर के कारण लगातार रो रही थी और काफी घबराई हुई थी।

फोन कर ताला खुलवाया

ग्रामीणों और परिजनों ने इस लापरवाही पर भारी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यदि बच्ची बेहोश हो जाती या कोई अनहोनी हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की होती। ग्रामीणों ने कहा कि छुट्टी के समय कक्षाओं की जांच किए बिना ताला लगाना अत्यंत गैर जिम्मेदाराना रवैया है।प्रधानपाठिका दिक्षिका साहू ने बताया कि उन्हें जैसे ही इस घटना की जानकारी मिलीए उन्होंने तुरंत चपरासी को फोन कर ताला खुलवाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो इसके लिए सभी शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं।

प्राचार्य ने मांगी माफी, होगी जांच

सूचना मिलने के बाद स्कूल के प्राचार्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्ची के परिजनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह घटना शिक्षकों और चपरासी की गंभीर चूक का परिणाम है और इसकी जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी इस घटना की सूचना भेज दी गई है। विभाग ने प्राथमिक तौर पर इसे लापरवाही का गंभीर मामला माना है और कहा है कि दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में इस तरह की घटना दोहराई गईए तो वे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।