बालाघाट के बच्चे लोक नृत्य स्पर्धा में भाग लेने खंडवा जाएंगे - rashtrmat.com

बालाघाट के बच्चे लोक नृत्य स्पर्धा में भाग लेने खंडवा जाएंगे

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।जनजातीय कार्य विभाग, बालाघाट के मार्गदर्शन में शासकीय आदिवासी बालक आश्रम, बालाघाट के बच्चों ने लगातार चौथी बार जिला स्तरीय लोकनृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और इस संस्था ने अपनी उत्कृष्टता और परंपरा को बरकरार रखा है। इसी प्रकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आवासीय बालिका छात्रावास बैहर की छात्राओं ने रोल प्‍ले प्रतियोगिता में जिला स्‍तर पर प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया है। इस संस्थानों ने अपने सांस्कृतिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। अब इन दोनो संस्थान के बच्चे खंडवा में 14 से 15 अक्टूबर तक होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगें और बालाघाट जिले का नाम रोशन करेंगें।

लोक नृत्य स्पर्धा में खंडवा जाएंगे

बालाघाट में संचालित अंग्रजी माध्यम की यह आश्रम शाला एवं बैहर का बालिका छात्रावास जनजातीय संस्कृति, शिक्षा और प्रतिभा के अनूठे संगम को प्रदर्शित करते हैं। इस सफलता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सहायक आयुक्त जनजाति‍ कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने आश्रम शाला के बच्चों, बालिका छात्रावास की छात्राओं एवं वहां के स्टाफ को बधाई है एवं खंडवा की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के लिए शुभकामनायें दी है।

जिला स्तरीय लोकनृत्य

राष्ट्रीय जनसंख्या‍ शिक्षा परियोजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला स्तरीय लोकनृत्य एवं रोल प्ले प्रतियोगिता 10 अक्टूबर को डाईट बालाघाट में आयोजित की गई थी। लोकनृत्य प्रतियोगिता में आदिवासी अंग्रेजी माध्यम बालक आश्रम की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। आश्रम शाला के छात्र आयुष सैयाम, निहाल सिरसाम, साहिल भलावी, धीरेन्द्र मेरावी, चित्रसेन उईके एवं ऋषि धुर्वे की टीम ने किशोर किशोरी एक समान थीम पर शिक्षक श्री एमएस घरडे, श्रीमती वाय पटेल एवं श्रीमती प्रीति सिंह परिहार के मार्गदर्शन में अपनी प्रस्तुति दी है। इसी प्रकार रोल-प्ले प्रतियोगिता में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास बैहर की टीम विजेता रही है। शिक्षक श्रीमती नीना परिहार के मार्गदर्शन में छात्रा अर्चना  धुर्वे, रागिनी आर्मो, काम्या ठाकरे, नीतू रेखाम एवं वर्षा धुर्वे की टीम ने स्‍वस्‍थ जीवन शैली को बढ़ावा देने की थीम पर अपनी प्रस्तुति दी