अभय को डिप्टी CM से पंगा भारी पड़ा,अभी खाते सीज..कल को ED आयेगी - rashtrmat.com

अभय को डिप्टी CM से पंगा भारी पड़ा,अभी खाते सीज..कल को ED आयेगी

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश में रीवा जिले के सेमरिया विधान सभा के विधायक अभय मिश्रा का डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला से पंगा लेना भारी पड़ा। विधायक अभय मिश्रा लगातार डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ आग उगलते आए हैं। उनके विधान सभा में काम नहीं होने का आरोप वे लगातार कलेक्टर प्रतिभा पाटिल और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला पर लगाते आए हैं।पिछले दिनों दो अक्टूबर को कलेक्ट्रेड में मौन धरना के बाद मीडिया के समक्ष उन्होंने डिप्टी सीएम और कलेक्टर प्रतिभा पाटिल को खुली चुनौती दी कि इनमें दम है तो मेरे खिलाफ कार्रवाई करके बताएं। मेरे पास इनके खिलाफ इनके काले कारनामें के ढेर सारे दस्तावेज हैं। उन्होंने मीडिया को देने की बात कही थी। अब अभय मिश्रा के परिवार की कंपनी उदित इंफ्रा कंस्ट्रक्शन के खाते इनकम टैक्स ने सीज कर दिये हैं। अभय मिश्रा कह रहे हैं कि देर सबेर उनके यहां ईडी का छापा पड़ने की आशंका हैं,लेकिन मैं नहीं डरता।


डिप्टी CM की तुलना अजगर से
कंाग्रेस विधायक अभय मिश्रा गत विधान सभा चुनाव में कहा था कि उनके यहां ईडी का छापा पड़ सकता है। मेरे आदमियों ने मुझे फोन कर बताया है। उस समय भी इन्होंने प्रेस वार्ता की थी। अब इनकम टैक्स ने खाता सीज किया तो देर रात मीडिया अपने फार्म हाउस बुला लिये। और फिर कहा कि ईडी का छापा उनके यहां पड़ सकता है। एक यूट्यूब को अपने इंटरव्यूह में कहा कि जैसे अजगर हिरण को लील कर पचा लेता है, उसी तरह डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला पूरा प्रदेश पचा सकते हैं। जमीन पचा लेंगे। समदड़िया और स्वास्थ्य मंत्री बिजनेस पार्टनर हैं।


बीजेपी के निशाने पर अभय
अभय मिश्रा सेमरिया विधान सभा चुनाव जीतने के बाद से बीजेपी की आँखों की किरकिरी बने हुए हैं। कांग्रेस किसी और विधान सभा में जीत दर्ज करा लेती तो कोई फर्क न पड़ता डिप्टी सीएम को। सेमरिया उनके और बीजेपी के निशाने पर है। अगले चुनाव से पहले अभय मिश्रा के लिए सभी सियासी रास्ते बंद करना बीेजेपी और डिप्टी सीएम का एक मकसद है। जाहिर सी बात है और यह काम केवल ईडी के छापे से ही संभव है। वैसे अभय मिश्रा का कहना है कि वो न तो इनकम टैक्स के छापे से और खाते सीज करने से डरते और न ही ईडी के छापे से डरते हैं। मैं पचास रुपए से सफर शुरू किया था और आज पचास करोड़ तक की ऊंचाई पर पहुंच गया हूं।


धमकी की सियासत दोनों ओर से
अभय मिश्रा हर बार मीडिया से कहते हैं मैं न कलेक्टर से डरता हूं और न ही डिप्टी सीएम से।ये मेरा कुछ नहीं कर सकते। इन्हें पता है कि इनके सारे काले कारनामें के एक- एक दस्तावेज मेरे पास है। वहीं यह भी कहा कि इनकम टैक्स वाले मेर परिवार की कंपनी उदित इंफ्रा कंस्ट्रक्शन,जिसे मैं पहले देखा करता था, उसका 10 से 50 करोड़ के अकाउंट सीज किया गया है। और मुझे लगातार धमकी दी जा रही है। कई दिनों से मुझे धमकियां दी जा रही है। मैं पीछे नहीं हटा तो मेरे परिवार की कंपनी उदित का खाता सीज कर दिया गया है। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। जाहिर सी बात है धमकी की सियासत दोनों ओर से चल रही है।


अभय और ईडी का नागफांस
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अभय को रोकने के लिए क्या ईडी का छापा उनके यहां पड़ सकता है! डिप्टी सीएम पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ से मिले हैं। उनसे कई गोपनीय बातें की। अभय को लगता है कि डिप्टी सीएम प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए गए तो उनकी पकड़ बीजेपी के अंदर कमजोर है। डिप्टी सीएम की मुख्यमंत्री से नहीं बनती,यह हवा राजेन्द्र शुक्ला विरोधी सियासी बनाए हैं। बीजेपी हाईकमान को यदि डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला यह बताने में सफल हो गए होंगे कि समेरिया विधायक को नहीं फांसे तो बीजेपी को सियासी नुकसान हो सकता है,तो ईडी का नागफांस अभय को देर सबेर फांस सकता है।
अभय की चाहत पूरी करेंगे
एक बीजेपी नेता ने कहा कि बगैर ईडी के छापे के अभय मिश्रा बार- बार कहते हैं ईडी का छापा मेरे यहां पड़ सकता है। ऐसा कहकर वो बीजेपी सरकार और बीजेपी के नेताओं को बदनाम करना चाहते हैं। मगर इस सच से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि अभय की चाह केवल बीजेपी ही पूरी कर सकती है। ईडी का शिकंजा उन पर कस सकता है। मुझे लगता है कि सेमरिया विधान सभा हमें जीतना है तो ईडी का छापा पड़ना जरूरी है। वैसे इनकम टैक्स की कार्रवाई के पीछे न डिप्टी सीएम का कोई हाथ है और न ही सरकार का। यह विभागीय रूटीन कार्रवाई है। बहरहाल कौन किसके निशाने पर है,और कितना गहरी सियासी जंग होगी,रीवा वाले भी नहीं जानते।