स्वास्थ्य के साथ खिलावाड़ करने वालों की खैर नहीं-राजेन्द्र - rashtrmat.com

स्वास्थ्य के साथ खिलावाड़ करने वालों की खैर नहीं-राजेन्द्र

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा (ब्यूरो)।  उप मुख्यमंत्री   राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि राज्य सरकार जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। औषधियों की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा इस मामले में कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा।

दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई

आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय औषधियाँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में प्रदेश सरकार लगातार सतर्क और सजग रहते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि 26 से 28 सितम्बर 2025 तक जिला छिंदवाड़ा में औषधि निरीक्षकों की टीम द्वारा औषधि विक्रय संस्थानों एवं अस्पतालों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में प्राप्त अनियमितताओं पर गंभीरता से संज्ञान लेकर अब तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस दौरान कुल 19 औषधि नमूने संकलित कर शासकीय परीक्षण प्रयोगशालाओं को भेजे गए हैं।

विशेष जांच दल गठित किया गया
जनहित को दृष्टिगत रखते हुए 30 सितम्बर 2025 को छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ़ सिरप और नास्ट्रो-डीएस के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई। 30 सितम्बर 2025 को ही इंदौर स्थित आर्क फार्मास्यूटिकल्स के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर डिफ्रॉस्ट सिरप बैच नं. 11198 को बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए। औषधि महानियंत्रक (भारत सरकार), नई दिल्ली तथा संबंधित राज्यों हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के औषधि नियंत्रकों को 1 अक्टूबर 2025 को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया। साथ ही जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को सम्मिलित कर 1 अक्टूबर 2025 को विशेष जांच दल गठित किया गया।

नमूना परीक्षण हेतु संकलित

समस्त औषधि निर्माताओं, औषधि निरीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा मेडिकल कॉलेजों के डीन को 1 अक्टूबर 2025 को क्लोर फ़ेनिरामाइन मलेट एवं फ़ेनाइलफ़्रिन एचसीएल के उपयोग के संबंध  में एडवाइजरी जारी की गई है। जबलपुर स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल्स पर कार्रवाई करते हुए 2 अक्टूबर 2025 को कोल्ड्रिफ सिरप की 66 बोतलों में से 50 बोतलें बिक्री हेतु रोक दी गई और 16 बोतलों का नमूना परीक्षण हेतु संकलित किया गया है।

अवमानक घोषित किए जाने की सूचना
तमिलनाडु औषधि नियंत्रक कार्यालय से कोल्ड्रिफ सिरप(बैच नं. एसआर-13, Mfg. Dt. 05/2025) को अवमानक घोषित किए जाने की सूचना 4 अक्टूबर को प्राप्त हुई। इस सूचना के आधार पर मध्यप्रदेश में इसके विक्रय और वितरण पर 4 अक्टूबर को तत्काल रोक लगा दी गई है। साथ ही उक्त निर्माता फर्म के अन्य सभी उत्पादों पर भी 4 अक्टूबर से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा और जबलपुर को इस प्रकरण में आगामी कठोर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।

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