राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। अभी तक देखा गया है कि कुछ लोग नारियल को हथेली पर रखकर जमीन के किस हिस्से में पानी है पता करते देखा गया है। पानी की खोज शंकरलाल मंगलानी जिस तरह करते हैं वो किसी को भी हैरान कर सकता है। बताते हैं अनेक लोगों को उनकी पानी खोज की विधि से फायदा हुआ है।
जमीन के अंदर पानी का पता
जिले के प्रसिद्ध व्यवसायी शंकरलाल झुड़ामल मंगलानी के पास ऐसी एक अनोखी विद्या है, जिससे वह जमीन के अंदर पानी की खोज कर लेते है। अपनी सोने के चेन से जमीन के अंदर पानी का पता करने वाले शंकरलाल मंगलानी, आज 64 साल की आयु में भी, लोगों को निस्वार्थ भाव से नि:शुल्क सेवाएं दे रहे है। तीन दशक से ज्यादा समय से उनकी विद्या का लाभ सैकड़ो लोगों को मिला है।
बोरवेल आज, पानी की धार उगल रहे
जिले में एक सफल उद्यमी के नाम से पहचाने जाने वाले शंकरलाल झुड़ामल मंगलानी को उनकी इस विद्या से पानी वाले भैया के नाम से एक अलग पहचान मिली है। हालांकि, वे प्रचार से दूर रहते है, उनका कहना है कि सेवा ही उनका एकमात्र उद्देश्य है। जिले के प्रसिद्ध चिकित्सकों से लेकर बड़े हॉटलो और आम लोगों के घरो में उनकी विद्या से खोदे गए सैकड़ो बोरवेल आज, पानी की धार उगल रहे है। एक संक्षिप्त मुलाकात में व्यवसायी शंकरलाल मंगलानी ने बताते है कि साल 1985 में बोरवेल की खुदाई में घंटो लगते थे और जिले में कोई बोरवेल मशीन भी नहीं थी। तब एजेंटो के माध्यम से बोरवेल खुदाई के लिए मशीनों को दक्षिण भारत से बुलाया जाता था।
जमीन के अंदर पानी की तलाश
इसी दौरान, घर में हुए बोरवेल के दौरान, बोरवेल खुदाई के लिए आए एक साउथ इंडियन व्यक्ति ने उन्हें इस विद्या के बारे में सीखाया। जिसका सबसे पहला प्रयोग, नगर के गुजराती समाजवाड़ी के पीछे स्थित आसाराम आश्रम में उन्होंने किया। जो सफल रहा। जिसके बाद उन्होंने अपने पुराने वार्ड, सुजान धर्मशाला गली में इसी विद्या से उन्होंने बोरवेल की खुदाई एक परिचित के यहां कराई, जहां भी बोरवेल सफल रहा। जिसके बाद उन्हें, पूरी तरह विश्वास हो गया कि वह इस विद्या से जमीन के अंदर पानी की तलाश कर बोरवेल खुदाई के लिए लोगों को मार्गदर्शित कर सकते है और तब से निरंतर, वह लोगों की सेवाएं कर रहे है।
होश में नहीं होते है शंकरलाल
व्यवसायी शंकरलाल मंगलानी बताते है कि जब वह इस विद्या का उपयोग कर जमीन के अंदर पानी का पता लगाते है तो उस दौरान वह होश में नहीं होते है, अर्थात एक अदृश्य शक्ति के वश में होते है, विद्या के प्रयोग के दौरान हर बार मैने महसुस किया है कि आमतौर पर उन्हें होश नहीं होता है कि वह कौन है और कहां है।
शहर से दूर भी जाते थे
व्यवसायी शंकरलाल बताते है कि उनकी यह सेवा पूर्णतया नि:शुल्क है, सुबह करीब 6.30 बजे फोन आने पर वह अपने साधन से उस जगह जाते है और साफ स्थल पर वह अपनी इस विद्या से जमीन के किस भाग में जल है, इसका पता लगाते है। वह बताते है कि कालांतर में वह शहर से दूर भी जाते थे लेकिन समयावधि और उम्र का तकाजा होने से, अब उन्होंने अपनी इस विद्या के उपयोग के दायरे को सीमित कर दिया है। आज वह शहरी क्षेत्र से करीब दो से पांच किलोमीटर के दायरे में ही सेवाएं देते है।
आज बोरवेल से निकल रही जलधारा
बालाघाट में कोसमी, सर्किट हाउस रोड, मेनरोड सहित शहर के अन्य स्थानो पर उनकी विद्या से सैकड़ो घरो में खोदे गए बोरवेल से जलधारा बह रही है, जिसका लाभ परिवार के लोग उठा रहे है। चूंकि जमीन के अंदर पानी और उसकी खोज, अक्सर, बोरवेल कराने वालों के लिए महंगी होती है, अक्सर ऐसा देखने में आता है कि बिना जानकारी के खोदे गए बोरवेल से पानी नहीं आता है और खुदाई करवाने वाले का आर्थिक के साथ ही समय का नुकसान भी होता है। ऐसे में व्यवसायी शंकरलाल मंगलानी की यह विद्या, उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।