राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। पूरे प्रदेश में गौ वंशी पशुओं की बड़ी संख्या में लगातार हो रही मौत को सरकार की अकर्मण्यता का परिणाम करार देते हुए पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा की सरकार में गाएं बेरहमी से मारी जा रही है, लेकिन यह सरकार बेसुध है, भाजपा केवल गौ सेवा के नाम पर राजनीति करती है।भूख से 1200 से अधिक मौतें,सड़क हादसों में 850 से ज्यादा मौतें,जहरीला पदार्थ खाने से 200 से ज्यादा मौतें हो चुकी है।

समुचित व्यवस्था दुरुस्त हो
समोदा गौठान में डेढ़ दर्जन मृत गायों के अवशेष आज भी चील कौवे और जानवर नोच रहे हैं, विगत 16 सितंबर को बिलासपुर रतनपुर हाईवे पर गायों के झुंड को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया जिसमें 8 गायों की जान चली गई, गर्भवती गाय का पेट फट गया बछड़ा बाहर आ गया, उसी दिन दुर्ग जिले के बाफना पैट्रोल पंप के पास कंटेनर ने 8 गायों को कुचल कर मार दिया, ऐसे हादसे रोज हो रहे हैं। सड़कों पर मनवेशियों की मौत और रोज-रोज हो रहे हादसों को लेकर हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद यह सरकार नहीं चाहती कि समुचित व्यवस्था दुरुस्त हो।

सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा बिना वैकल्पिक व्यवस्था के गौठान योजना बंद करने का दुष्परिणाम सड़कों पर दिख रहा है, गौ अभ्यारण्य और गौ धाम का दावा केवल कागजी है असलियत यह है कि भाजपा सरकार की उपेक्षा, पूर्वाग्रह और दुर्भावना के चलते ही गायें सड़कों पर कुचली जा रही हैं, किसान खुली चराई से परेशान हैं और राहगीर भी दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। विगत दिनों मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल की संयुक्त पीठ में सुनवाई के दौरान सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं, सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सड़कों पर मवेशियों को हटाने टीम बनाए, रात में गस्त करें, हाईवे अथॉरिटी क्या कर रही है? गायों के गले पर रेडियम बेल्ट पहनाए जाए, आपका काऊ कैचर खाली पड़ा हुआ है, केवल दिखाने के लिए खड़ा किए जाते हैं? विगत 6 माह के भीतर जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक 6 दर्जन से अधिक गौवंशी पशुओं के साथ ही 55 लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है लेकिन सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग की तरह है।

जांच के लिए समिति गठित
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राज्य से 5 लाख गायें लापता हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये गायें कहां गईं और क्या इनके पीछे भाजपा नेताओं की संलिप्तता है। बैज ने पूछा कि गौ रक्षक संगठन और भाजपा के सहयोगी संगठन इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बनाए गए 10 हजार गौठानों को भाजपा ने बंद कर दिया, जिससे गौवंश की स्थिति बिगड़ी। समोदा गांव में 3 दिनों में 40 गायों की भूख से मौत का मामला सामने आया है। इसी तरह खरोरा और गुल्लू गांव में भी कई मौतें हुईं। कांग्रेस ने इसकी जांच के लिए समिति गठित कर दी है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा से जवाब मांगते हुए कहा कि अगर सचमुच गौ माता की चिंता है तो तस्करी रोकने और गौठानों को दोबारा शुरू करने की जिम्मेदारी निभाएं।

इतनी गायें मरी
- भूख से 1200 से अधिक मौतें
- सड़क हादसों में 850 से ज्यादा मौतें
- जहरीला पदार्थ खाने से 200 से ज्यादा मौतें