UGC का विरोध करने पर निकाले गए 12 आउटसोर्स कर्मचारी बहाल किये जाएं - rashtrmat.com

UGC का विरोध करने पर निकाले गए 12 आउटसोर्स कर्मचारी बहाल किये जाएं

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। रीवा में यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में अपनी बात रखने वाले आउटसोर्स कर्मचारी दिलीप शर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्यवाही के विरोध में विभिन्न सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। संगठनों ने रीवा संभाग के कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर दिलीप शर्मा सहित नौकरी से पृथक किए गए 12 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा बहाल करने की मांग की है।
कार्यवाही न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है
ज्ञापन में संगठनों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना और किसी मुद्दे पर असहमति जताना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। ऐसे में किसी कर्मचारी को अपनी बात रखने के कारण नौकरी से बाहर करना उचित नहीं है। संगठनों ने आरोप लगाया कि संबंधित कर्मचारियों का पक्ष सुने बिना की गई कार्यवाही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
भूपेश को स्थानांतरित करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से बिजली विभाग के पश्चिम संभाग के कार्यपालन अभियंता भूपेश विक्रम सिंह को रीवा से स्थानांतरित करने की मांग की गई है। संगठनों का आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने दिलीप शर्मा का स्थानांतरण कर उन्हें वापस पूर्व संभाग में गुढ़ डीसी के अंतर्गत पदस्थ करने की भी मांग उठाई है।
अनैतिक घटना पर जवाबदेही की मांग
संगठनों ने ब्लैकलिस्ट कर कार्य से बाहर किए गए सभी 12 कर्मचारियों को बहाल कर दोबारा काम पर रखने की मांग की है। इसके अलावा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके साथ किसी भी प्रकार की अनैतिक घटना होने पर विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ज्ञापन में पिछले एक वर्ष के दौरान की गई भर्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया गया है कि विभागीय आदेशों के बावजूद लगातार अवैध भर्तियां की गई हैं। साथ ही नई भर्तियों में 50 हजार से एक लाख रुपये तक की राशि मांगे जाने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की जांच और ऐसी कथित वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
भविष्य में भेदभाव कार्यवाही न की जाए
ज्ञापन में भविष्य में कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण कार्यवाही नहीं किए जाने का आश्वासन देने की मांग भी की गई है। संगठनों ने कमिश्नर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों को कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल बहाल करने के निर्देश देने की अपील की है।इस ज्ञापन पर श्री राजपूत करणी सेना, सवर्ण युवा मोर्चा रीवा, सपाक्स रीवा, विंध्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन और ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के नाम दर्ज हैं।

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