दिल्ली चलो’ पार्क में J&K नंंबर की कार के युवक का NIA कार्ड नकली निकला - rashtrmat.com

दिल्ली चलो’ पार्क में J&K नंंबर की कार के युवक का NIA कार्ड नकली निकला

राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। लाल किले के पीछे खड़ी जे के नंबर की कार में बैठे थे कश्मीरी युवक। पुलिस जब पहंुची तो एक ने दिखाया NIA आईडी कार्ड तो पुलिास अलर्ट हो गयी।तुरंत थाने ले गयी। जांच में पाया गया कि उनका कार्ड नकली था। इसलिए कि NIA आईडी कार्ड देती ही नहीं है।

15 लोग की जान चली गई थी

दिल्ली में लाल किले के आसपास रहने वाले लोग अभी तक नवंबर में मेट्रो स्टेशन के नजदीक हुए धमाके को भूले नहीं है। इस धमाके में 15 लोग की जान चली गई थी। मंगलवार शाम को इसी इलाके में गश्त कर रही पुलिस की टीम उस समय सतर्क हो गई, जब उन्होंने लाल किले के पीछे ‘दिल्ली चलो’ पार्क में J&K नंंबर की कार में दो लोगों को बैठे देखा।दिल्ली पुलिस के डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंथिया ने बताया कि जांच में युवक का NIA कार्ड नकली पाया गया। NIA आईडी कार्ड जारी ही नहीं करती।

दोनों पुलवामा के रहने वाले है

दिल्ली पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब पुलिस टीम ने कार में बैठे लोगों से पूछा कि वे कौन हैं और क्या कर रहे हैं तो उनमें से एक ने अपना नाम मुदस्सर अहमद मीर बताया। इस युवक ने खुद को NIA अधिकारी बताया। इसके साथ एक नाबालिग लड़का भी था। अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए मुदस्सर अहमद मीर ने अपना ID कार्ड दिखाया लेकिन दिल्ली पुलिस की टीम को मामला संदिग्ध लगा। मुदस्सर ने बताया कि वो दोनों पुलवामा के रहने वाले है। दिल्ली बम धमाके का आरोपी उमर नबी और उसका सहयोगी भी कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था।

NIA कार्ड नकली पाया गया

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंथिया ने बताया कि जांच में युवक का NIA कार्ड नकली पाया गया। NIA आईडी कार्ड जारी ही नहीं करती। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि मुदस्सर एक ठग है। वह लोगों को नौकरी के नाम पर नकली पहचान के जरिए ठगता है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस जांच में क्या सामने आया

तीनों जांच एजेंसियों द्वारा की गई पूछताछ के बाद यह पता चला कि मुदस्सर अहमद मीर का कश्मीर में एक गैराज चलाता था, जो नुकसान में था। उसने कुछ समय पहले एक सेकेंड हैंड सेंट्रो कार खरीदी थी और वह नौकरी दिलाने के बहाने एक मजदूर के नाबालिग बेटे को दिल्ली लेकर आया था। नौकरी दिलवाने की डील दस हजार रुपये में हुई और उसने नाबालिग लड़के के परिवार से तीन हजार रुपये एडवांस ले लिए।

मस्जिद इलाके में एक गेस्ट हाउस में रुके

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुदस्सर अहमद मीर और नाबालिग लड़का 13 फरवरी को दिल्ली पहुंचे थे। दोनों जामा मस्जिद इलाके में एक गेस्ट हाउस में रुके। इसके अगले दिन से मुदस्सर अहमद मीर ने अपने पहचान के लोगों से लड़के की नौकरी के लिए बात करनी शुरू की लेकिन कहीं कोई जुगाड़ नहीं हो सकता। इसलिए वह लड़का वापस जाने की तैयारी कर रहा था लेकिन तभी पुलिस ने उन्हें देख लिया।