राष्ट्रमत न्यूज,मऊगंज (ब्यूरो)। मध्यप्रदेश में मऊगंज जिला बनने के बाद से यहां फर्जी दस्तावेज के जरिये जमीनें बेचने का खेल तेजी से बढ़ा है। फर्जी दस्तावेज के जरिये सुंदरपुरवा निवासी दीनानाथ उपाध्याय की पैतृक भूमि की फर्जी रजिस्ट्री राधाचरण चतुर्वेदी और उनके परिजनों ने करा ली। जबकि दीनानाथ उपाध्याय की दादी इस जमीन को 1978 में खरीदी थी। अपर कलेक्टर पीके पांडेय सेे लिखित शिकायत में दीनानाथ उपाध्याय ने राधाचरण चतुर्वेदी और उनके परिजनों पर 3 सितम्बर 2025 को कूटरचना धोखाधड़ी और साजिश का आरोप लगाया है।

प्यारी देवी के नाम है जमीन
दीनानाथ उपाध्याय के अनुसार उनकी दादी प्यारी देवी ने वर्ष 1978 में बैजनाथ प्रसाद ब्राह्मण से खसरा नंबर 50/1 रकबा 0.55 एकड़ भूमि खरीदी थी। यह भूमि बरांव रोड के पास स्थित है। उपाध्याय परिवार का इस पर दशकों से कब्जा है। वर्ष 2016 में इसका नामांतरण और नक्शा तरमीम तहसील न्यायालय से विधिवत दर्ज किया गया था।
चौहद्दी गलत दर्शाई गई
राधाचरण चतुर्वेदी ने अपने रिश्तेदारों उपेंद्र कुमार चतुर्वेदी और पुष्पेंद्र कुमार चतुर्वेदी के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर उक्त भूमि की रजिस्ट्री करा ली। इस रजिस्ट्री में गवाह के तौर पर राधाचरण के परिवारजन नागेंद्र प्रसाद और दिनेश कुमार चतुर्वेदी भी शामिल हैं। दीनानाथ उपाध्याय के अनुसार विक्रय पत्र में भूमि की चौहद्दी गलत दर्शाई गई है। उत्तर दिशा में जिस रत्नेश्वर सिंह का उल्लेख है, वह इस क्षेत्र में मौजूद नहीं है। जाहिर सी बात है कि दस्तावेज कूटरचित और सुनियोजित तरीके से तैयार किए गए हैं।

मामले की जांच कराएंगे
पीड़ित ने इसे राजस्व विभाग और पंजीयन कार्यालय की मिलीभगत से की गई साजिश बताते हुए एफआईआर दर्ज कर भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। अपर कलेक्टर ने मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भूमाफिया-राजस्व गठजोड़ का बड़ा नेटवर्क
वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण मिश्रा का कहना है कि यदि इस तरह की रजिस्ट्री की निष्पक्ष जांच की जाए तो भूमाफियाओं के साथ.साथ राजस्व व उप.पंजीयक कार्यालय की भूमिका भी उजागर होगी। लगातार बढ़ रहे भू.विवादों से लोगों की जानमाल असुरक्षित होती जा रही है। मऊगंज की धरती पर अब हर जमीन का सौदा फर्जीवाड़े के साये में है कृ और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुईए तो यह विवाद किसी दिन ष्गड़रा कांडष् जैसा विस्फोटक रूप ले सकता है।