राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत पर मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस की। प्रेस कान्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य के सीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश में बच्चे मर रहे थे तब मुख्यमंत्री काजीरंगा पार्क में हाथी देख रहे थे। यह कैसे मुख्यमंत्री हैं।सिंघार ने उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से पूछा,तमिलनाडु की कंपनी के साथ आपके क्या संबंध हैं। आपने किस कारण उसके पक्ष में बयान दिया। इस पर मुख्यमंत्री जी क्यों चुप रहे देश को बताएं।

सरकार नहीं जागी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा. कफ सिरप पीने के बाद किडनी फेल होने से 19 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। परासिया से हमारे विधायक सोहन बाल्मीकि ने पहले बच्चे की मौत के बाद कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखे। धरना प्रदर्शन किए लेकिन सरकार नहीं जागी।ये पूरा मामला करप्शन और कमीशन का है। इस मामले की न्यायिक जांच होना चाहिए।
डिप्टी CM के घर बुलडोजर कब चलेगा
प्रेस कान्फ्रेंस में शामिल परासिया विधायक सोहन लाल बाल्मीकि ने कहा. मध्य प्रदेश सरकार छोटे-छोटे मामलों में लोगों के घरों में बुलडोजर चलवा देती है। इन बच्चों की हत्या के जिम्मेदार मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल जी हैं। क्या अब उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा।

कब्र से शव निकाला गया
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, नियम के मुताबिक इस तरह की मौत होने लगती है तो सरकार को 72 घंटे में टेस्ट कराना जरूरी है। लेकिन सरकार ने 72 घंटे में जांच नहीं कराई। जब ज्यादा हल्ला मचा तो एक परिवार की मृत बच्ची योगिता ठाकरे के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। अभी तक सिर्फ एक डाॅक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बाकी को सरकार क्यों क्लीन चिट दे दी है।

कफ सिरप से मौत नहीं हो रही
नेता प्रतिपक्ष ने कहा. सरकार और डिप्टी सीएम दनों असंवेदनशील है। जिसके स्वास्थ्य मंत्री चार दिन पहले कह रहे थे कि कफ सिरप से कोई मौत नहीं हो रही। वे तमिलनाडु की कंपनी को क्लीन चिट दे रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला का रीवा जिला पूरे देश में कफ सिरप का सबसे बड़ा नशे का अड्डा बन गया है। वे अपने जिले में इसे बंद नहीं कर पा रहे हैं। वहां कोरेक्स का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। लोग अब दूसरा धंधा करने की बजाय कोरेक्स का ध्ंाधा कर रहे हैं।