राष्ट्रमत न्यूज,बीजापुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में कुपोषण एवं एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के उन्मूलन की दिशा में ठोस पहल करते हुए “सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान” का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 01 जनवरी 2026 से किया गया है। इस अभियान की शुरुआत बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, सुकमा, जशपुर, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर सहित सात जिलों में एक साथ की गई, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार की दिशा में व्यापक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

छह माह में तय किए गए लक्ष्य
राज्य शासन का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को समुचित पोषण उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है। अभियान के माध्यम से पोषण संबंधी सेवाओं को अधिक सशक्त, व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाया गया है। छह माह में तय किए गए अहम लक्ष्य
एनीमिया की दर में कमी
अभियान के अंतर्गत आगामी छह माह की अवधि में—गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में एनीमिया की दर में उल्लेखनीय कमी लाना।गंभीर (SAM) एवं मध्यम (MAM) कुपोषित बच्चों को पोषण सुधार के माध्यम से सामान्य श्रेणी में लाना।मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर पोषण स्तर में स्थायी सुधार सुनिश्चित करना।सुपोषण दूतों, स्व-सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, समुदाय एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देना।
पोषण और निगरानी पर जोर
अभियान के तहत पात्र लाभार्थियों को पौष्टिक आहार वितरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श, समयबद्ध फॉलो-अप तथा सतत् निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है, जिससे लाभार्थियों के स्वास्थ्य में वास्तविक एवं मापनीय सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
बीजापुर जिले में संगठित क्रियान्वयन
बीजापुर जिले के नैमेड़ एवं भैरमगढ़ विकासखंडों में अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम सरपंचों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। राज्य शासन ने आशा व्यक्त की है कि “सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान” प्रदेश में कुपोषण एवं एनीमिया उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार लाएगा।