राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर (ब्यूरो)। सरगुजा से रायपुर तक चलने वाली फ्लाइट का संचालन अब बंद हो गया है। यह एक साल हो गया। फ्लाइ बिग कंपनी ने अपना विंटर शेड्यूल नहीं जमा किया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा कि यह बंद होना ही था। नयी सेवा शुरू करनी चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हवाई सेवा का शुभारंभ 19 दिसम्बर 2024 में किया था। पहले सप्ताह में तीन दिन चलती थी। दरिमा एयरपोर्ट से शुरू हुई यह सेवा अब इतिहास बन गई है। संचालन कर रही फ्लाई बिग कंपनी ने हवाई सेवाओं से हाथ खींच लिया है इस हवाई सेवा के बंद होने से यात्रियों को बड़ा झटका लगा।
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धीरे-धीरे अनियमित संचालन
हवाई सेवा की शुरुआत के समय सरगुजा वासियों में खासा उत्साह देखा गया था। शुरुआती किराया 999 रुपए रखा गया था और सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को उड़ानें संचालित की जा रही थीं। पहले कुछ दिनों तक फ्लाइट्स लगभग फुल रहीं, लेकिन धीरे-धीरे अनियमित संचालन और किराए में लगातार बढ़ोतरी ने यात्रियों का भरोसा कमजोर कर दिया।
सीटों की बुकिंग प्रभावित होने लगी
समय के साथ फ्लाई बिग कंपनी ने टिकट के दाम बढ़ा दिए। 999 रुपए का किराया पहले 1999 और बाद में 5999 रुपए तक पहुंच गया। इसके साथ ही कभी खराब मौसम, तो कभी तकनीकी खराबी का हवाला देकर उड़ानें रद्द की जाती रहीं। इससे यात्रियों का रुझान लगातार घटता चला गया और सीटों की बुकिंग प्रभावित होने लगी।

जून 2025 से लगभग बंद थी सेवाएं
बारिश के कारण जून 2025 में ही हवाई सेवाएं लगभग बंद (Surguja Flight) कर दी गई थीं। हालांकि दीपावली के आसपास केवल पांच उड़ानों का संचालन किया गया, लेकिन इसके बाद सेवा फिर से ठप हो गई। नियमानुसार फ्लाई बिग कंपनी को 29 अक्टूबर तक अपना विंटर शेड्यूल जमा करना था, लेकिन कंपनी ने शेड्यूल ही नहीं दिया, जिससे यह साफ हो गया कि संचालन जारी रखने का कोई इरादा नहीं है।
इसका बंद होना बेहतर है
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने हवाई सेवा बंद होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सेवा सिर्फ खानापूर्ति के लिए शुरू की गई थी, इसलिए इसका बंद होना बेहतर है। वहीं, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि इंडिगो एयरलाइंस के साथ दो बार बैठक हो चुकी है और उम्मीद है कि जल्द ही नई और भरोसेमंद हवाई सेवा की शुरुआत होगी।
और घाटा बढ़ता गया
हवाई सेवा के प्रभावित होने की एक बड़ी वजह योजना में अदूरदर्शिता भी रही। उड़ानों का रूट रायपुर–अंबिकापुर–बिलासपुर रखा गया, लेकिन अंबिकापुर और बिलासपुर के बीच हवाई यात्रा के लिए यात्रियों की मांग नहीं दिखी। ऐसे में यह रूट व्यावहारिक साबित नहीं हो सका और घाटा बढ़ता गया।