राष्ट्रमत न्यूज,बिलासपुर(ब्यूरो)। जिले के एडिशनल एसपी राजेन्द्र जायसवाल का एक स्पा चलाने वाले से तीस हजार नहीं पचास हजार रुपए महीना मांगने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद लोग कहने लगे हैं कि डीएसपी कल्पना वर्मा की स्टाइल में एएसपी काम कर रह हैं। जबकि राजेन्द्र जायसवाल को चाहिए कि शहर मंे स्पा की आड़ में जिस्म फरोशी का धंधा चलाने वालों पर नकेल लगाना चाहिए। उनका एक स्पा संचालक से पचास हजार रुपये महीना मांगना पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहा है। स्पा संचालक ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर जांच की मांग किया है।

सात दिनों मे साक्ष्य पेश करें
स्पा संचालक लोकेश और अमन सेन का आरोप है कि मुंह मांगी रकम नहीं देने की वजह से स्पा में एकतरफा कर्रवाई की गयी। जो कि गलत है। इसकी शिकायत आई जी से की गयी है। एसपी रजनीश सिंह ने शिकायत कर्ता से सात दिनों के अंदर साक्ष्य पेश करने को कहा है।
मुंह मांगी रक़म के लिए अढे
पीड़ितों का दावा है, कि अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने हेतु उनके द्वारा कई बार चेतावनी भी दी गई थी, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। आखिरकार,उन्होंने हकीकत जाहिर करने के लिए इस एएसपी का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। पीड़ित का दावा है,कि वसूलीबाज़ एएसपी द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। मुंह मांगी रकम न देने पर जब उनके द्वारा फर्जी मामलो में फंसाने की चेतावनी दी गई, तब वे इस अफसर के दफ़्तर पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई थी, फिर भी “साहब” मुंह मांगी रक़म के लिए अढे रहे।

रकम देना बंद कर दिया
स्पा संचालक के मुताबिक मासिक भुगतान की अवैध रक़म एका एक बढ़ा दी गई। उनका दावा है, कि आम स्पा कारोबारियों का रेट फिक्स कर दिया गया है। कारोबारी अमन सेन ने आरोप लगाया कि शहर में स्पा सेंटर चलाने के लिए तत्कालीन एएसपी को हर महीने 30 हजार रुपये देने पड़ते थे। लेकिन ये “साहब” 50 हज़ार पर अढे रहे। उनका कहना है, कि दिसंबर 2025 में जब उन्होंने यह रकम देना बंद कर दिया, तभी से उनके खिलाफ धमकियों और कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया.उन्हें छापे की धमकी दी गई।

फर्जी कार्रवाई के तहत छापा मारा
स्पा सेंटर संचालक ने लगाए गंभीर आरोप स्पा संचालक लोकेश सेन और उनके भाई अमन सेन का कहना है कि उनसे लंबे समय तक अवैध रूप से पैसे वसूले जाते रहे. उनका आरोप है कि प्रत्येक माह उगाही की रकम के भुगतान के बाद ही व्यवसाय चलाने की अनुमति दी जाती थी. जब एएसपी को यह रकम देना बंद कर दिया गया, तो उन्होंने उनके स्पा सेंटर जानबूझकर निशाने पर लिया था। उनके स्पा सेंटर में 6 जनवरी को फर्जी कार्रवाई के तहत छापा मारा गया था। लोकेश और अमन सेन का आरोप है कि उगाही बंद करने के बाद उनके स्पा सेंटर पर दबाव डालने के लिए एकतरफा कार्रवाई की गई थी,जिसका मकसद व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना था। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो पर क्या एक्शन होता है,यह वक्त ही बताएगा। लेकिन तब तक के लिए, वायरल वीडियो कई संदेहों को जन्म दे रहा है।