छत्तीसगढ़ के बीजापुर की नक्सली सुनीता ने बालाघाट में सरेंडर किया - rashtrmat.com

छत्तीसगढ़ के बीजापुर की नक्सली सुनीता ने बालाघाट में सरेंडर किया

राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली सुनीता ने आज चोरिया पुलिस पोस्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। सुनीता वर्ष 2022 में नक्सली संगठन से जुड़ी थी। उसने माड़ क्षेत्र में छह महीने का प्रशिक्षण भी लिया था। हाकफोर्स के समक्ष महिला नक्सली का यह समर्पण संगठन की विश्वसनीयता को दर्शाता है। एमएमसी जोन प्रभारी रामदेर की टीम के कई अन्य सदस्य भी आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं।


मलाज खंड की सक्रिय सदस्य
मलाजखंड एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य सुनीता उम्र 22 वर्ष ने एक नवंबर की शाम चोरिया पुलिस पोस्ट में आत्मसमर्पण किया। बालाघाट में पहली बार महिला नक्सली ने सरेंडर किया। सुनीता पिता विस इंद्रावती जिला बिजापुर की है। वह पिछले नौ महीनों से मलाजखंड एरिया कमेटी में सक्रिय थी। हालांकि पुलिस ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। पुलिस के आला अधिकारी आत्म समर्पण की सुनीता से पूछताछ कर रही है। पुलिस चैकी में समर्पण करने वाली सुनीता के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी मिलना शेष है। किंतु उसके समर्पण करने से पुलिस को उम्मीद बंधी है कि अन्य नक्सली भी देर सबेर सरेंडर कर देंगे।


महत्वपूर्ण उपलब्धि
बालाघाट नक्सली समस्या से चार दशक से निजात पाने की पहल कर रहा है। इस जिले के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। महिला नक्सली सुनीता ने हाकफोर्स के कैंप में सहायक सेनानी के समक्ष मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। सुनीता नक्सलियों के एमएमसी जोन प्रभारी और सीसी मेंबर रामदेर की हथियारबंद गार्ड थी। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने महिला नक्सली के आत्मसमर्पण की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सुनीता से पूछताछ की जा रही है और आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

जंगल में ट्रेनिंग लेते नक्सली (फाइल फोटो)
 नक्सली सुनीता की डायरी
नाम- सुनीता पिता विसरू 23
पता- विरमन इद्रावती क्षेत्र जिला बीजापुर,छत्तीसगढ़
संगठन में एसीएम,सेंट्रल कमेटी सदस्य.सीसीएम रामदेर की गार्ड।
हथियार मिले- इंसास रायफल सहित तीन मैगजीन
संगठन में भर्ती- सुनीता 2022 में माओवादी संगठन से जुड़ी थी। माड़ क्षेत्र में 6 महीने का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसने सेंट्रल कमेटी सदस्य रामदेर के गार्ड के रूप में इंद्रावती और माड़ क्षेत्रों में कार्य किया।
एमएमसी में आगमन- 1 सीसीएम रामदेर की टीम के 11 सदस्यों के साथ एमएमसी जोन के दर्रेकसा क्षेत्र में पहुंची।
आत्मसमर्पण- 31 अक्टूबर 25 को प्रातः 4 बजे उसने अपनी इसास राइफल विंडोरी बैग, पिट्ठू बैग और वर्दी के साथ दलम से अलग होकर निकल गई। इसके बाद उसने जंगल में इंसास राइफल, विंडोरी बैग, पिट्ठू बैग और वर्दी को डंप में छिपाकर आत्मसमर्पण करने के उद्देश्य से पुलिस कैंप चैरिया पहुंची।


माओवादियों के बारे में जानकारी

रामदेर ने बताया कि सोनू दादा, रूपेश दादा और उनके साथी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण कर दिये है। इसके बाद यहां मौजूद सभी सदस्य आत्मसमर्पण करने की दिशा में विचार कर रहे हैं।योगेश और मल्लेश दलम छोड़ दिये हैं। चिलौरा निवासी देवेंद्र की हत्या के लिए रामदेर, रोहित, विमला, तुलसी, चंदू दादा, प्रेम, अश्विरे और सागर गए थे।