बारिश होने पर करोड़ों का धान बर्बाद हो जाएगाःमुंजारे - rashtrmat.com

बारिश होने पर करोड़ों का धान बर्बाद हो जाएगाःमुंजारे

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले में धान खरीदी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था पर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने मोहन सरकार पर किसानों के साथ घोर अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था,लापरवाही और मनमानी इस कदर हावी है कि किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को विवश हो रहे हैं। जिले में नक्सलियों से बरामद हथियार फर्जी हैं। सभी रायफलों में जंग लगे हुए हैं।
धान का उठाव नहीं हो रहा
पूर्व सांसद मुंजारे ने कहा कि जिले के अधिकांश धान खरीदी केंद्रों पर समय पर उठाव नहीं हो रहा है। खुले में रखा धान बारिश या नमी के कारण कभी भी खराब हो सकता है। लेकिन शासन.प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे-सीधे किसानों की मेहनत की कमाई को लूटने जैसा है। यदि समय रहते परिवहन और भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो किसान आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट जाएंगे।
तो आंदेलन करेंगे
पूर्व सांसद ने स्लाट बुकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि स्लाट बुकिंग के लिए समय तो निर्धारित किया गया है, लेकिन प्रशासन की लेटलतीफी के कारण कई किसानों को आशंका है कि उनका धान खरीदा ही नहीं जाएगा। किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे उनमें गहरा आक्रोश है। चेतावनी दिया कि यदि तीन दिनों के भीतर धान के परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
अवैध रेत खनन व परिवहन का आरोप
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने एक सवाल के जवाब में अवैध रेत खनन और परिवहन के मामले में कहा कि पुलिस ने पर्यावरण प्रेमी राजा लिल्हारे के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। यह पूरी तरह फर्जी और सुनियोजित है। यह कार्रवाई सच्चाई को दबाने और असली दोषियों को बचाने के उद्देश्य से किया गया है। कहा कि खनिज अधिकारी इस पूरे खेल में केवल मोहरा हैं जबकि पर्दे के पीछे बड़े लोग संरक्षण दे रहे हैं।
चारों विधायकों की मिलीभगत
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियां किसी एक व्यक्ति या विभाग तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक मिलीभगत की पूरी व्यवस्था काम कर रही है।पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि अनुराग चतुर्मोहता और सांसद से जुड़े लोग खुलेआम अवैघ रेत खनने के कार्य से जुड़े हैं। इस पूरे मामले में विपक्ष की भूमिका संदेह के घेरे में है। उन्होंने कांग्रेस के चारों विधायकों को अवैध रेत कारोबार में मिलीभगत बताई। रजेगांव क्षेत्र में रेत पकडने की कार्रवाई को दिखावे की कार्रवाई बताई। धरातल पर अवैध खनन बेरोकटोक जारी है।
नक्सलियों से बरामद हथियार फर्जी हैं
नक्सलियों से जब्त हथियार फर्जी है। उनका कहना है कि सारे राइफल जंग खाए हुए दिख रहे हैं। उससे किसी भी तरह की आपराधिक कार्रवाई संभव ही नहीं है। इसी तरह डंप में कारतूस बरामद किए जाने की बात भी फर्जी है। आरोप लगाया कि पुलिस झूठे सबूत गढ़कर मामलों को गंभीर दिखाने का प्रयास कर रही है।