CG कांग्रेस में AICC ने 307 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की - rashtrmat.com

CG कांग्रेस में AICC ने 307 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन में नियुक्तियों का इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशभर में 307 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। यह प्रक्रिया काफी समय से अटकी हुई थी, लेकिन अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश कांग्रेस के बीच सहमति बनने के बाद इस पर अंतिम मुहर लग गई है। पार्टी के भीतर किसी भी तरह के असंतोष को रोकने के लिए कांग्रेस ने एडजस्टमेंट फॉर्मूला भी तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है इस नियुक्ति में स्थानीय सीनियर नेताओं की पसंद को महत्व दिया गया है।

एआईसीसी पदाधिकारियों और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा के बाद ब्लॉक अध्यक्षों की लिस्ट जारी (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

लंबी चर्चा के बाद बनी सहमति

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर एआईसीसी पदाधिकारियों और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई। संगठन के भीतर संतुलन बनाए रखने और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए सूची को अंतिम रूप दिया गया। इसका सीधा लाभ यह हुआ कि लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे कार्यकर्ताओं को संगठन में नई जिम्मेदारी मिली।

जिम्मेदारी देकर संतुलन साधा

कांग्रेस ने इस बार नियुक्तियों के साथ एक स्पष्ट एडजस्टमेंट फॉर्मूला भी तैयार किया है। पार्टी के भीतर किसी तरह की नाराजगी न हो, इसके लिए स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की पसंद को महत्व दिया गया है। बताया जा रहा है कि जिन नेताओं को ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया, उन्हें आगे जिला कार्यकारिणी में अहम जिम्मेदारी देकर संतुलन साधा जाएगा।

जल्द बनेगी जिला कार्यकारिणी

जानकारी के अनुसार, ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी होने के तुरंत बाद जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल रहे सक्रिय और मजबूत नेताओं को जिला स्तर पर संगठनात्मक भूमिका दी जाएगी। इससे जमीनी स्तर पर कांग्रेस की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

नियुक्तियों को लेकर बदली रणनीति

पार्टी के अनुसार, जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के दौरान जहां बड़े नेताओं की पसंद को दरकिनार कर कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता दी गई थी, वहीं ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की पसंद को भी महत्व दिया गया है। इस बदलाव को संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।