मनुष्य ऐसा काम करे जिससे समाज और देश प्रेरणा ले-राजेन्द्र दास - rashtrmat.com

मनुष्य ऐसा काम करे जिससे समाज और देश प्रेरणा ले-राजेन्द्र दास

 राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। . बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में रेवासा धाम,  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषय पर दिव्य कथा का आयोजन किया जा रहा है।

संतों को सर्वोच्च स्थान
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि पूज्य महाराज श्री का रीवा आगमन हम सबके लिए सपना साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि जब देश में बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं तो संतों को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है, ऐसे महान संत का हमारे बीच उपस्थित होना पूरे क्षेत्र का सौभाग्य है। इस आयोजन से क्षेत्र में अपार उत्साह और उमंग का वातावरण है। महाराज श्री की अमृतवाणी से बहने वाली कथा की रसधारा गौसंरक्षण, गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं सनातन मूल्यों को मार्गदर्शन देगी। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौ सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि रीवा के लक्ष्मणबाग में एक हजार बेसहारा गायों के लिए गौशाला का निर्माण किया गया। इसके बाद बसामन मामा में 10 हजार गौवंश के संरक्षण की व्यवस्था की गई।

रीवा के विकास में गौमाता की कृपा

वर्तमान में हिनौती धाम में 25 हजार गौवंशों के संरक्षण हेतु विशाल व्यवस्था विकसित की जा रही है। यह सुनकर पूज्य महाराज श्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। बसामन मामा स्थित गौशाला के समीप 500 एकड़ का प्राकृतिक वन क्षेत्र है, जिससे गौमाता के लिए प्राकृतिक चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित है। श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में अनेक विकास कार्य हुए हैं, किन्तु यदि उनसे पूछा जाए कि उनका सबसे बड़ा कार्य कौन-सा है, तो वे लक्ष्मणबाग गौशाला और बसामन मामा में गौवंश विहार के निर्माण को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने कहा कि रीवा के विकास में गौमाता की कृपा का विशेष योगदान है। गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि धरती को स्वस्थ रखना आवश्यक है।

उनके संकल्प पूर्ण होंगे
कार्यक्रम में संत  संतोषदास जी (सतुआ बाबा) ने कहा कि रीवा में प्रवेश करते ही यह अनुभूति होती है कि यहां का नेतृत्व शासक की तरह नहीं, बल्कि सेवक की तरह कार्य कर रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल की सरलता व संतों के प्रति सेवाभाव उन्हें उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ायेगी और उनके संकल्प पूर्ण होंगे। उन्होंने कहा, गाय इस पृथ्वी का  सिंदूर है। उन्होंने देवहरा बाबा के वचनों का स्मरण करते हुए कहा कि जब तक पृथ्वी पर गायों का विचरण रहेगा, तब तक कलियुग प्रभावी नहीं हो सकता।