राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। रीवा में आयोजित पर्पल फेयर–2026 ने यह साफ कर दिया कि दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि साहस, संकल्प और असाधारण प्रतिभा की पहचान है। यह आयोजन एक औपचारिक कार्यक्रम भर नहीं रहा, बल्कि समाज की जड़ हो चुकी सोच को तोड़ने वाला बिंदास और बेबाक संपादकीय संदेश बनकर सामने आया—जहाँ दया नहीं, दक्षता और सम्मान केंद्र में रहा।

मुंबई के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन
यह भव्य आयोजन समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी), छतरपुर द्वारा किया गया, जो अली यावर जंग राष्ट्रीय वाक् एवं श्रवण दिव्यांगजन संस्थान, मुंबई के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत है। आयोजन जिला प्रशासन रीवा के सहयोग से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मार्तंड क्रमांक–1 परिसर में संपन्न हुआ।
जीवन की चाबी लाभार्थियों को
कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित प्रदर्शनी के अवलोकन, दीप प्रज्ज्वलन एवं दीप स्तुति के साथ हुई। इसके पश्चात प्रातः 11 बजे से दिव्यांग प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को ऊर्जा और भावनाओं से भर दिया।ग़ज़ल “सफ़र में धूप तो होगी”, नृत्य प्रस्तुतियाँ “घूमर-घूमर”, “मधुबाला”, “घर मोरे परदेसिया”, समूह नृत्य “जलवा तेरा”, “हे शुभारंभ”, “रंगीलो म्हारो ढोलना”, “सुनो गौर से दुनिया वालों”, “लुंगी डांस” तथा बालिका समूह गायन “मेरे सिर पर रख दो बाबा” ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा को नहीं मानती।

जीवन की चाबी लाभार्थियों को सौंपे गए।
आवश्यक उपकरण वितरित
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली क्षण तब आया, जब “दुनिया के दिव्यांग हीरो” समूह ने व्हीलचेयर और रैम्प के माध्यम से जिम्नास्टिक रैम्प वॉक प्रस्तुत कर साहस, संतुलन और आत्मविश्वास का अद्भुत प्रदर्शन किया। दर्शक दीर्घा में बैठा हर व्यक्ति खड़ा होकर तालियाँ बजाने को मजबूर हो गया—यह तालियाँ कलाकारों के लिए नहीं, हिम्मत के सम्मान में थीं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं एडीआईपी योजना के अंतर्गत 42 दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए।
आत्मविश्वास प्रदान करते हैं
कार्यक्रम में रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियाँ देखकर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और कलाकारों को आशीर्वाद, बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। सांसद मिश्रा ने मंच से संस्था के प्रयासों की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, क्योंकि यही कार्यक्रम दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हैं और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। उन्होंने संस्था को आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।

छतरपुर का सराहनीय योगदान
सीआरसी छतरपुर के निदेशक राजमणि पाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सीआरसी छतरपुर के श्री मुकेश कुमार पटेल, बिलाल शाह, प्रीति यादव, सुश्री आकांक्षा पटेल, आकाश साहू, अभिषेक नायक, राज बहादुर पटेल सहित सीआरसी एवं पीएमडीके छतरपुर के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। *पर्पल फेयर–2026 तालियों के बीच समाप्त हुआ, लेकिन इसका संदेश दूर तक गया -रीवा ने उस दिन सिर्फ एक आयोजन नहीं देखा, बल्कि एक नई सामाजिक चेतना को जन्म लेते देखा—जहाँ मंच नहीं, मिशन था और कार्यक्रम नहीं, परिवर्तन की शुरुआत।