राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट की भरवेली पंचायत के मरारीटोला में श्मशान भूमि पर अतिक्रमण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले तीन साल से प्रशासन के चक्कर काट रहे ग्रामीणों और उपसरपंच ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन दिया।ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ श्मशान की जमीन पर अवैध कब्जा नहीं हट रहा है, वहीं दूसरी ओर कब्जा करने वाली महिला ने पूरे गांव पर झूठा केस दर्ज करा दिया है।
श्मशान की जमीन पर अवैध मकान बना
उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने बताया कि मरारीटोला में बच्चों के श्मशान घाट की सरकारी जमीन पर एक महिला ने अवैध रूप से मकान बना लिया है। आरोप है कि वह महिला अब इस मकान को बेचने की कोशिश भी कर रही है।ग्रामीणों ने इसकी शिकायत नवंबर 2024 में भी की थी, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
95 लोगों को हर बार कोर्ट की पेशी
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने अतिक्रमण का विरोध किया, तो महिला ने उन पर ‘सामाजिक बहिष्कार’ करने का झूठा आरोप लगा दिया। इस एक शिकायत के कारण गांव के 95 लोगों को हर बार न्यायालय में पेशी पर जाना पड़ रहा है।इनमें से अधिकांश गरीब मजदूर और किसान हैं, जिन्हें अपना काम छोड़कर कोर्ट जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
श्मशान की भूमि खाली कराई जाए
डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि यदि गांव के लोग दोषी हैं, तो उन्हें सजा दी जाए, लेकिन अगर अतिक्रमणकारी गलत है, तो उस पर सख्त कार्रवाई कर श्मशान की भूमि खाली कराई जाए।