राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट/ लालबर्रा(ब्यूरो)। स्मार्ट मीटर की खिलाफत कई बार उपभोक्ता कर चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों को एक उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर लगाने से मना किया। उसका कहना था कि बगैर पूर्व सूचना और अनुमति के स्मार्ट लगाना अनुचित है। इस पर बिजली विभाग से आई टीम ने उपभोक्ता के मना करने पर उसे नोटिस थमा दिया और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया।

सात दिन का नोटिस
उपभोक्ता ने स्मार्ट लगाने की खिलाफत किया तो विभागीय कर्मचारियों ने सरकारी कार्य में बाधा बताकर नोटिस थमा दिया। नोटिस में उपभोक्ता को सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
उपभोक्ता का अपना तर्क
उपभोक्ता ने आरोप लगाया है कि विभाग ने मीटर परिवर्तन से पहले न तो किसी प्रकार का लिखित नोटिस दिया और न ही नियामक संस्थाओं सीईए/ सीएसईआर सी की स्वीकृति प्रदर्शित की। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि उन्हें सहमति या आप्ट.आउट विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया।जबकि विद्युत अधिनियम.2003 के प्रावधान पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कहते हैं।
आदेश की प्रति नहीं दी
दूसरे दस्तावेज में उपभोक्ताओं ने मांग की है कि विभाग मीटर परिवर्तन की वैधता पर स्पष्ट स्पष्टीकरण दे।आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराए और बिना स्वीकृति लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर पुनः स्थापित करे। साथ ही संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।स्थानीय स्तर पर विवाद बढ़ने के बाद उपभोक्ता इसे विभाग की दबाव बनाने की कार्रवाई बता रहे हैं जबकि विभागीय पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं मिली है।