राष्ट्रमत न्यूज रायपुर (ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने विशेष कोर्ट में 400 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। इसमें तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी परीक्षा नियंत्रक सचिव और उद्योगपतियों समेत कुल29 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच में प्रश्नपत्र लीक विशेष परीक्षा केंद्र और रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने जैसे कई खुलासे किए गए हैं।

रिजॉर्ट को बनाया विशेष परीक्षा केंद्र
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार सीजीपीएससी भर्ती घोटाला पूरी तरह से सुनियोजित और संगठित साजिश का परिणाम था। प्रश्नपत्र लीक कराने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर और अन्य राजपत्रित पदों पर नियुक्त कराने के लिए बारनवापारा के आलीशान रिसॉर्ट को विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया। जांच में सामने आया है कि इस विशेष केंद्र पर अभ्यर्थियों के ठहरने आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर ने निभाई थी। चार्जशीट के अंतिम हिस्से में उत्कर्ष चंद्राकर को भी औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया है। हालांकि वह अब तक फरार है।
एजेंसी से हासिल किया प्रश्नपत्र
सीबीआई की जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि सीजीपीएससी 2020 के लिए तैयार किया गया प्रश्नपत्र परीक्षा नियंत्रक द्वारा संबंधित एजेंसी से साल भर पहले ही हासिल कर लिया गया था। एजेंसी के संचालक ने अपने बयान में CBI को बताया कि परीक्षा नियंत्रक ने उनसे प्रश्नपत्र दिखाने के लिए बुलाया था। इस दौरान उन्होंने इसकी कॉपी कर ली और प्रश्नपत्र लौटा दिया।सबसे गंभीर बात यह है कि इस प्रश्नपत्र की कोई आधिकारिक एंट्री नहीं की गई और बाद में इसी प्रश्नपत्र का उपयोग सीजीपीएससी 2021 की मुख्य परीक्षा में कर लिया गया। सीबीआई के अनुसार यह प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था और इसकी जानकारी तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी के रिश्तेदारों तक पहुंच चुकी थी।
व्हाट्सएप चैट से भी हुआ खुलासा
इस लीक का खुलासा टामन सोनवानी के भतीजे विनीत और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैट से भी हुआए जिसे जांच का अहम आधार बनाया गया। चैट से यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर कुछ लोगों के पास मौजूद थे।
रिश्तेदारों को सीधे पहुंचाया लाभ
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने अपने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर पहले ही उपलब्ध करा दिया था। इसी का परिणाम रहा कि सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हो गया। तलाशी के दौरान उनके घर से प्रश्नपत्र और उत्तरों की फोटोकॉपी भी बरामद की गई। इसी तरह तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी पर अपनी बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को चयन में लाभ पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट में नेहा और निखिल खलखो के चयन को भी संदिग्ध बताया गया है।
ये हैं नामजद आरोपी
सीबीआइ ने जिन आरोपितों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की है उनमें जेल में बंद तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव उनके बेटे सुमित ध्रुव परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक टामन सोनवानी का भतीजा नितेश सोनवानीए शशांक गोयल उसकी पत्नी भूमिका कटियार साहिल सोनवानी एक्जाम कंट्रोलर ललित गणवीर मीशा कोसले, दीपा अजगले आदिल और उत्कर्ष चंद्राकर शामिल हैं।
सोनवानी के 5 रिश्तेदारों ने हासिल की नौकरी
आरोप है कि इसमें तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी के पांच रिश्तेदार बेटे नीतेश और बहू निशा कोसले का डिप्टी कलेक्टर भाई की बहू दीपा अगजले का जिला आबकारी अधिकारी बहन की बेटी सुनीता जोशी का श्रम अधिकारी एवं बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी का चयन डीएसपी के पद पर हुआ था।
29 अभ्यर्थियों को बनाया गवाह
हालांकिए परीक्षा में शामिल 29 अभ्यर्थियों को इस मामले में आरोपी नहीं बल्कि गवाह के रूप में प्रस्तुत किया गया है।गौरतलब है कि सीजीपीएससी परीक्षा 2021 के माध्यम से कुल 171 पदों पर भर्ती की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा में 2565 अभ्यर्थी सफल हुए थेए जबकि मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की थी। इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई थी।
हाईकोर्ट में दायर याचिका
इस मामले का उल्लेखनीय पहलु यह है कि सीजीपीएससी परीक्षा 2021 के परिणाम की घोषणा के बाद जब घोटाले के आरोप लगने लगेए तभी छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करके घोटाले की जांच की मांग की। हाई कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीर माना और इसकी जांच के आदेश दिए। हालांकि जांच के अभी भी आधे अधूरे होने के आरोप लग रहे हैं। माना जा रहा है कि जो प्रश्नपत्र लीक हुआ हैए उसका लाभ अन्य अभ्यर्थियों को भी पहुंचाया गया है। सघन जांच की जाए तो और भी खुलासे हो सकते हैं।