विकास के नाम पर केवल काँखने – कराहने और मुँह पटकने का कोई औचित्य नहीं हो…
Category: विशेष लेख
जोधपुर घटना के बाद न्यायिक चेतना में धारा 38 की गूंज बढ़ी
अभिमनोज – जोधपुर घटना घटना ने देशव्यापी बहस को यह सोचने पर मजबूर किया कि यदि…
संघ के बगैर बिहार में विपक्ष कितना असरदार
एनडीए दो खेमें बंटा हुआ है। नीतीश ने चराग पासवान के खिलाफ अपनी पार्टी के पांच…
असहमति की आवाज़ क्या अब अपराध है?
भारतीय लोकतंत्र की आत्मा उसकी अभिव्यक्ति में बसती है — वह अभिव्यक्ति जो सत्ता से प्रश्न…
सनातन में शक्ति और संतों के साथ षड्यंत्र
ऋग्वेद की ऋचाओं में ‘नारी तू नारायणि’ जैसी भावना स्पष्ट झलकती है। हमारे यहां देवी सरस्वती…