किताब समीक्षा Archives - rashtrmat.com

इंसान ही बेदखल हो जाए क्या यही नया दौर है

आज जब विकास को सड़कों, बिजली, कारखानों और मशीनी सुविधाओं से आँका जा रहा है, ऐसे…

हमारे समय की शिनाख्त है बज़्म-ए-हयात

  पत्रकार रमेश कुमार‘रिपु’ का यह दूसरा ग़ज़ल संग्रह है। रिपु’ जितना पत्रकारों के बीच लोकप्रिय…

रहस्य, रोमांच, और थ्रीलर का कॉकटेल हैं ‘डियर किलर ‘

डियर किलर’ की कहानियां सिर्फ जुर्म की बानगी मात्र नहीं है। इन कहानियों के पीछे अपराध…

हमारे समय की हकीकत है बज़्म-ए-हयात

पत्रकार रमेश कुमार‘रिपु’ की ग़ज़लों में अपने समय के हकीकत की वजह से तकरार और इसरार…