राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। शहर में प्रशासन की लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सड़क के किनारे फेंके गए बिल्डिंग के बड़े-बड़े चट्टानी मलबे की वजह से एक कार दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। कार में सवार पति-पत्नी इस घटना में बाल-बाल बच गए।

मलबे पर कार चढ़ गई
जानकारी के मुताबिक, कार के मालिक शंकर लाल यादव रीवा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी पत्नी मॉडल साइंस कॉलेज में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। घटना के दौरान उनकी पत्नी कार चला रही थीं। इसी दौरान सड़क किनारे पड़े बिल्डिंग के बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे पर कार चढ़ गई। गनीमत रही कि कार सवार पति-पत्नी सुरक्षित बच गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
प्रशासन इसकी सुध क्यों नहीं ले रहा
सड़क किनारे इस तरह भारी मलबा फेंके जाने से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते मलबे को नहीं हटाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।सवाल यह है कि सड़क किनारे इस तरह मलबा फेंकने वालों पर कार्रवाई कौन करेगा और दुर्घटना होने से पहले प्रशासन इसकी सुध क्यों नहीं ले रहा है?