ग्वालियर के बाद अब भोपाल की सौ मीटर सड़क धस गयी - rashtrmat.com

ग्वालियर के बाद अब भोपाल की सौ मीटर सड़क धस गयी

राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)।ग्वालियर के बाद अब भोपाल में इंदौर से सागर को जोड़ने वाली सड़क अचानक से 100 मीटर तक धंस गई। भोपाल में बिलखिरिया के पास यह सड़क धंसी है। जो एमपीआरडीसी के तहत आती है। यह मार्ग भोपाल से इंदौर होशंगाबाद, जयपुर, जबलपुर, मंडला और सागर शहरों को जोड़ता है। अचानक धंसी इस सड़क की वजह से एक तरफ का रास्ता बंद करा दिया गया है, ताकि किसी तरह की दुघर््ाटना न हो।वहीं मौके पर पुलिस को भी तैनात किया गया है।देखते ही ही देखते रिटेनिंग वॉल का एक हिस्सा गिर भी गया।


दूर तक मलबा बिखरा
सड़क अचानक जिस समय धंसी उस दौरान कोई गुजर नहीं रहा था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क धसने से दूर तक मलवा बिखर गया और सड़क कई जगहों से टूटी हुई दिखाई दे रही है।सोमवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की है। मंडीदीप से ईंटखेड़ी की ओर जाने वाला ब्रिज के पास का हिस्सा करीब 100 मीटर धंस गया है। गनीमत रही की इस दौरान वहां से कोई नहीं गुजर रहा था। रिटेनिंग वॉल गिरने का वीडियो भी सामने आया है।

तो यह सड़क नहीं धंसती

सूखी सेवनिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी ने बताया कि ब्रिज धंसने के बाद ट्रैफिक को डायवर्ट किया है। मौके पर पुलिस बल की भी तैनाती की है।जिस किसान आशीष यादव के खेत के किनारे ये सड़क धंसी है, उनका कहना है कि हर साल यहां मेंटेनेंस का काम चलता रहता है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जाता। यदि समय रहते मेंटेनेंस किया जाता तो यह सड़क नहीं धंसती।

  सड़क हमारे अधिकार क्षेत्र की नहीं NHAI 

-पहले ब्रिज और सड़क एनएचएआई की होने की बात सामने आई थी। जिस पर एनएचएआई ने स्पष्टीकरण जारी किया है। एक अधिकारी ने कहा- सूखी सेवनिया के तहत बिलखिरिया की ओर से आने वाले ग्राम कल्याणपुर रेलवे ब्रिज से करीब 100 मीटर आगे पुल के धंसने की घटना हुई है। यह सड़क हमारे अधिकार क्षेत्र की नहीं है। यह मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अंतर्गत आती है।

 सड़कें रहेंगी ,गड्‌ढे होते रहेंगे-PWD मंत्री 

मध्य प्रदेश में खराब सड़कों के निर्माण और सड़कों के गड्ढ़ों को लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने तीन महीने पहले कहा था कि अभी ऐसी कोई तकनीक नहीं आई है, जिसके आधार पर कह सकें कि ऐसी सड़क बनाएंगे जिस पर कभी गड्‌ढा होगा ही नहीं। जब तक सड़कें रहेंगी तब तक गड्‌ढे होते रहेंगे।