बालाघाट के पस्तहाल अस्पताल को मिले 60 मेडिकल ऑफिसर - rashtrmat.com

बालाघाट के पस्तहाल अस्पताल को मिले 60 मेडिकल ऑफिसर

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। दशकों से जिले के बैहर, बिरसा और परसवाड़ा ब्लाक विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल आफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी से जूझते आये है। इसी बीच बैहर-बिरसा ईलाके में हुईं बैगा बच्चों की मौत मामले ने मानो शासन-प्रशासन की नींद खोल दी और अब जिले को सरकार ने 67 अनुबंधित मेडिकल आफिसरों की सुविधा दी है। मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति से न सिर्फ प्रभावित बैगा क्षेत्रों में डाक्टरों की कमी दूर होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी संजीवनी मिलेगी।

60 मेडिकल आफिसरों ने  ज्वानिंग  दी
बताया जा रहा है कि जिले में करीब 67 मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति मिली है, जिनमें से 60 मेडिकल आफिसरों ने अपनी ज्वानिंग दे भी दी है। लेकिन अब भी शेष 07 मेडिकल आॅफिसरो ने ज्वाईनिंग नही दी है।  जिन्हे विभाग ने नोटिस थमाया गया है। संभवत: उनके खिलाफ उच्च स्तर से विभागीय कार्रवाई किये जाने की भी तैयारियां चल रही है। जिन 60 मेडिकल आफिसरों ने अपनी ज्वानिंग दे दी है, उन्हे जिले के अलग-अलग ब्लाकों में भेजा जाएगा। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकतरो को प्रभावित ब्लाकों में काम करने का अवसर मिलेगा। जो करीब 01 साल तक के लिये जल्द ही मैदानी मोर्चा संभालेगें।

प्रशासन के पास विशेषज्ञ ही नहीं हैं
हाल ही में केंद्र सरकार की नेशनल ज्वाइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम (एनजेओआरटी) की रिर्पार्ट ने प्रभावित क्षेत्रों में महामारी विशेषज्ञ सहित मेडिकल स्टाफ की कमी को उजाकर किया है। तीनों ब्लाकों में कुल 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। सभी पद खाली पड़े हैं। बैहर में पांच और बिरसा व परसवाड़ा में तीन-तीन पद विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्षों से इन पदों पर किसी चिकित्सक ने अपनी सेवाएं नहीं दीं। विभाग ने भी सालों तक रिक्त पदों को भरने की जहमत नहीं उठाई। यानी बीमारी से निपटने या उनके नियंत्रण के लिए प्रशासन के पास विशेषज्ञ ही नहीं हैं।

सात एमओ को नोटिस

इसके अलावा, मेडिकल आफिसर और नर्सिंग आफिसर (स्टाफ नर्स) के भी स्वीकृत पदों के अपेक्षा कई पद खाली हैं। केंद्र सरकार की नेशनल ज्वाइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम (एनजेओआरटी) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में महामारी विशेषज्ञ सहित मेडिकल स्टाफ की कमी है। सीएमएचओ डा. शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि वास्तव में बालाघाट में लंबे समय से महामारी विशेषज्ञ नहीं हैं। अभी शासन स्तर से हमें 67 बांडेड मेडिकल आफिसर मिले हैं। 60 ने अपनी ज्वानिंग दे दी है। बालाघाट न आने वाले सात एमओ को नोटिस दिया गया है।

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