राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।आदिवासी ग्रामीण अंचल में बच्चों की मौत पर सियासत शुरू हो गयी है।जिला कांग्रेस अघ्यक्षा संजय उइके एवं विधायक अनुभा मुंजारे का दावा है कि 19बच्चों की मौत हुई है। सीएचएमओ डाॅ परेश उपलप ने सिर्फ 8 मौतों की पुष्टि की है।वहीं आदिवासी विकास परिषद के युवा अध्यक्ष शुभम उईके ने 15 बच्चों की मौत का दावा किया है।

18 बच्चों का उपचार चल रहा
कांग्रेस ने दावा किया है कि जिले में अब तक 19 बच्चों से अधिक की मौत हो चुंकि हैं जबकि विभाग आंकडे छिपा रहीं हैं।बालाघाट के आदिवासी अंचल के गांवों में महामारी फैलने से बच्चे लगातार बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी 15 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 7 बच्चों को गहन चिकित्सा इकाई (PICU) में रखा गया है, जबकि 18 बच्चों का उपचार बच्चा वार्ड में चल रहा है।
ढाई महीने में 15 बच्चों की मौत
बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग भले ही 8 मौतों की बात कह रहा हो, लेकिन ग्रामीण और आदिवासी संगठन के प्रतिनिधियों का दावा है कि पिछले ढाई महीने में 15 बच्चों की मौत हुई है।बिरसा क्षेत्र के बैगा आदिवासी अंचल अडोरी और मछुरदा पंचायत के अंतर्गत कुंडेकसा, बोंदारी, मछुरदा, माथला, कोरका और गठिया गांवों में बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं। गांव में फैली महामारी से बच्चों की लगातार मौतों की खबर के बाद, पीड़ित परिवारों से मिलकर लौटे आदिवासी विकास परिषद के युवा अध्यक्ष शुभम उईके ने 15 बच्चों की मौत का दावा किया है।

सिर्फ आठ बच्चे मरे- डाॅ परेश
बोंदारी निवासी लमनिन धुर्वे, साहिल धुर्वे, पूजा धुर्वे, सचिन मरकाम, रूपलाल धुर्वे, रूपलाल पिता दशरथ धुर्वे; कुंडेकसा निवासी प्रीति मरकाम, अरविंद धुर्वे; कोरका निवासी सुंदरी मेरावी; गठिया निवासी मंगली मरकाम; मछुरदा निवासी सूरज मरकाम, रोवन धुर्वे और माथला निवासी रोही परते, राम पिता महासिंह, उदेसिंह धुर्वे शामिल हैं। CMHO डॉ. परेश उपलप ने सिर्फ 8 मौतों की पुष्टि की है।

7 बच्चे पीआईसीयू में हैं
जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि बुधवार रात 15 बच्चों को भर्ती कराया गया था। वर्तमान में 7 बच्चे पीआईसीयू में हैं, जबकि शेष बच्चे बच्चा वार्ड में भर्ती हैं और उनका उपचार किया जा रहा है।आदिवासी विकास परिषद के युवा अध्यक्ष शुभम उईके ने आरोप लगाया कि शासन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों को छिपा रहा है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही से हुई बच्चों की मौतों पर सरकार उनके परिवारों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करे।

कांग्रेस के अनुसार मृत 19 बच्चों के नाम…
रूपलाल पिता बिसरू धुर्वे, उम्र 16 वर्ष बोंदारी, पूजा पिता चमरू धुर्वे, उम्र 2 वर्ष बोंदारी, सचिन, पिता चैनसिंह मरकाम, उम्र 5 वर्ष बोंदारी, रूपाल पिता बिसरू धुर्वे, उम्र 14 वर्ष बोंदारी, प्रियंका पिता सुखचंद धुर्वे, उम्र 3 वर्ष बोंदारी, शाहिल पिता सम्हारू धुर्वे, उम्र 1 वर्ष कोहनीमोड़टोला, लमनिन पिता सम्हारू धुर्वे, उम्र 14 वर्ष कोहनीमोड़टोला, प्रीति पिता नेहरू मरकाम, उम्र करीब ढाई वर्ष पटेलटोला, अरविंद पिता चैतु धुर्वे, उम्र 4 वर्ष कोंडेकसा, सदेसिंह पिता संजद मरकाम, उम्र 11 वर्ष मातला, रूही पिता महासिंह परते मातला, राम पिता महासिंह परते मातला, सूरज पिता सगनू मरकाम मछुरदा, रोवन पिता टेकसिंह धुर्वे मछुरदा, सुंदरी पिता लखमी मेरावी कोरका, मंगला पिता सहरसिंह मरकाम गठिया, सुरमीला पिता भगलसिंह, उम्र 4 वर्ष चिखली खैरटोला, राजू पिता पहाड़सिंह तिलगाम, उम्र करीब डेढ़ वर्ष कोडबीरकोना, रौवनू पिता बरन मनकाम, उम्र 7 वर्ष तेंदूडेंही जो करीब 19 लोगों की मौत हो गई हैं।