राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिले के गायखूरी क्षेत्र में शनिवार को खेत में क्षत.विक्षत अवस्था में एक शव मिला। सुबह खेत में काम करने पहुंचे किसानों को इलाके से तेज बदबू आने लगी। बदबू की क्यों आ रही है किसान जानने की कोशिश किये तो तब पता चला कि खेत के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है।

शव कैसे पहुंचा पुलिस पता कर रही
शव की हालत काफी क्षत.विक्षत थी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।जांच के दौरान मृतक की शिनाख्त लामता थाना क्षेत्र के बुढ़ियागांव निवासी शिखरचंद मरकाम के रूप में हुई है, जो बीते 3 जुलाई की शाम से लापता थे।
जिला अस्पताल से हुए थे लापता
परिजनों के अनुसार, शिखरचंद मरकाम के पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें 1 जुलाई को जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनका बेटा धर्मेंद्र मरकाम उनकी देखरेख में लगा हुआ था।3 जुलाई को धर्मेंद्र किसी काम से वापस अपने गांव बुढ़ियागांव गया था, और जब वह लौटकर आया तो उसके पिता अस्पताल के वार्ड से अचानक लापता थे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों ने कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
कपड़ों और मलहम की डिब्बी से हुई शिनाख्त
झाड़ियों में शव मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने तुरंत लापता बुजुर्ग के परिजनों को मौके पर बुलाया। मृतक के बेटे धर्मेंद्र मरकाम और दामाद दुर्गेश इड़पांचे सहित अन्य रिश्तेदारों ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव की स्थिति देखी।शव काफी हद तक खराब हो चुका था, लेकिन बुजुर्ग के पहने हुए चड्ढे, शर्ट और जेब में रखी एक मलहम की डिब्बी को देखकर परिजनों ने उनकी पहचान शिखरचंद मरकाम के रूप में की।कोतवाली थाना प्रभारी अजय गुर्जर ने बताया कि शव की हालत को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह करीब सात से आठ दिन पुराना है