राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। नगरपालिका परिषद बालाघाट क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर नाले और नाली का निर्माण करा रही है। लेकिन ठेकेदार स्वीकृत डिजाइन और ड्राइंग के अनुसार नहीं बनाया है। इतना ही नहीं नालों की गहराई,चौड़ाई और गुणवत्ता के अलावा तकनीकी मानकों के अनुकूल नहीं है। इसकी शिकायत लगातार मिलने के बाद विधायक अनुभा मुंजारे ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और शिकायत को सही पाया।ठेकेदार को ब्लेकलिस्ट किया जाए।

तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं
विधायक अनुभा मुंजारे ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया मौके पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा कार्य में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।विधायक मुंजारे ने कहा कि नगरपालिका शहर का विकास नहीं, बल्कि विनाश कर रही है। उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किए जा रहे हैं।
कई स्थानों का निरीक्षण
विधायक अनुभा मुंजारे और नगर पालिका परिषद के पार्षद दल ने विभिन्न निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हनुमान चौक, कृष्णा डेयरी रोड, अग्रसेन द्वार,रानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर, गुजरीचौक और रानी अवंतीबाई चौक, बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया।
3 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से निर्माण
बालाघाट नगर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नपा की ओर से पुराने नालों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत लगभग 3 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से निर्माण कार्य हो रहा है। हालांकि, बरसात से ठीक पहले शुरू हुए इन कार्यों की धीमी गति और कथित खराब गुणवत्ता ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

नालों की चौड़ाई स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार नहीं
नालों की चौड़ाई और गहराई स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार नहीं है, जिससे भविष्य में जल निकासी की समस्या और गंभीर होने की आशंका है। कई स्थानों पर निर्माण सामग्री का स्तर भी निम्न पाया गया, जिससे कार्य की मजबूती प्रभावित हो सकती है।विधायक अनुभा मुंजारे ने जोर देकर कहा कि गुणवत्ताहीन कार्य से न केवल निर्माण की मजबूती प्रभावित हो रही है, बल्कि शासन की राशि का भी दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने और कार्य में हो रही देरी के लिए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।
ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किया जाएगा
सीएमओ सूर्यप्रकाश उके ने इस संबंध में बताया कि निर्माण कार्य में देरी के लिए ठेकेदार पर पहले ही पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं किया जाता है, तो ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।