राष्ट्रमत न्यूज कानपुर(ब्यूरो)।कानपुर में 15 लाख रुपए की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस ने ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जो हर बड़ी वारदात के बाद अपनी गर्लफ्रेंड को गोवा घुमाने ले जाता था।आरोपी अब तक पांच बार चोरी के पैसों से गर्लफ्रेंड को गोवा की सैर करा चुका है। उसके मोबाइल से दोनों की गोवा ट्रिप की तस्वीरें भी मिली हैं। आरोपी के पास से चोरी का माल, एक लाख रुपए कैश, तमंचा और चोरी के पैसों से खरीदी गई स्कूटी बरामद हुई है।

चोरी के जेवर, एक लाख रुपये,तमंचा बरामद
सेन पश्चिम पारा पुलिस ने बीती 19 जून को स्वर्ण जयंती विहार सेक्टर-7 में बंद मकान में हुई चोरी का राजफाश करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चोरी के जेवर, एक लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त स्कूटर और तमंचा बरामद हुआ है। सेन पश्चिम पारा थानाप्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित अंशू पासी महंगी शराब पीने का शौकीन है। वह चोरी करने के बाद प्रेमिका को घुमाने के लिए गोवा ले जाता था। वह अब तक उसे पांच बार गोवा घुमाने के लिए ले जा चुका है।
जेवर और नकदी पार कर दी
पुलिस आयुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि 19 जून की दोपहर स्वर्ण जयंती विहार में हेमलता वर्मा के बंद मकान का ताला तोड़कर चोरों ने जेवर और नकदी पार कर दी थी। पुलिस ने आसपास के करीब 100 सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली तो लाल-काले स्कूटर पर दो संदिग्ध युवक आते-जाते दिखाई दिए थे। यक्ष एप की मदद से उनकी पहचान गुजैनी मायापुरम कच्ची बस्ती निवासी अंशू पासी और उसके साथी बर्रा कर्रही के हिमांशु गौतम के रूप में हुई।

बंद मकानों की रेकी करता
पुलिस ने अंशू को स्वर्ण जयंती विहार से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले हिमांशु, कर्रही निवासी सागर राजपूत व गोल्डी के साथ बंद मकानों की रेकी करता हैं। इसके बाद ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देता है। चोरी का सामान बेचकर मिले रुपयों से मौज-मस्ती करता है।

पांच भाइयों का था टक्कल गैंग
डीसीपी ने बताया कि अंशू पासी पांच भाई थे। सबसे बड़ा गोपाल टक्कल चोरी के मामले में जमानत पर है। दूसरे नंबर का विशाल चकेरी से 70 लाख की चोरी में जेल में बंद है। तीसरे नंबर का अंशू है। चौथे नंबर आकाश था, जिसकी मौत हो चुकी है। पांचवां भाई नाबालिग है, जो चोरी में बाल सुधार गृह इटावा में हैं। सभी भाई गैंग बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। इनके गिरोह को लोग टक्कल गैंग के नाम से जानते थे।