राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने मध्यप्रदेश शासन के पास 2.77 करोड़ शिकायतें लंबित होने का आरोप लगाते हुए महामहिम राष्ट्रपति को पत्र प्रेषित कर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। 12 फरवरी को भेजे गए पत्र में उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।

पुलिस व्यवस्था बेलगाम
पत्र में कहा गया है कि 7.44 करोड़ आबादी वाले मध्यप्रदेश में 2.77 करोड़ शिकायतें विभिन्न विभागों में लंबित हैं। मुख्यमंत्री सहायता प्रकोष्ठ सहित राज्य शासन की जांच एजेंसियां तथा विभाग शिकायतों के निराकरण में असफल हो रहे हैं। 55 कलेक्टर कार्यालयों एवं उनके अधीन विभागों में भी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण नहीं हो पा रहा है। श्री समरीते ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की पुलिस व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है तथा आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का व्यवहार जनता के अनुकूल नहीं है।
संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं
सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित नहीं हैं।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग 800 शिकायतें फर्जी जाति प्रमाण पत्र जांच समिति के पास लंबित हैं, जिनका निराकरण नहीं हो सका है। वहीं राजस्व एवं पुलिस विभाग के पास करीब 1.20 करोड़ शिकायतें लंबित बताई गई हैं। श्री समरीते ने पूरे प्रकरण को राज्य सरकार की विफलता करार देते हुए राष्ट्रपति से निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। उक्त शिकायत पत्र की प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल महोदय, भोपाल, माननीय प्रधानमंत्री महोदय, भारत सरकार, माननीय केंद्रीय गृहमंत्री महोदय, भारत सरकार, कैबिनेट सचिव, भारत सरकार, प्रमुख सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली, सचिव, केंद्रीय गृह मंत्रालय, नई दिल्ली, मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, भोपाल को भेजी गई है। श्री समरीते ने कहा कि शिकायतों का संबंध सीधे जनता के अधिकारों से जुड़ा है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।