राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले के लांजी तहसील अंतर्गत ग्राम दुल्हापुर में एक दिव्यांग युवक और उसके परिवार से जुड़ा राजस्व विवाद अब प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। अब तक दिव्यांग सौ दफा पेशी आ चुका है फिर भी उसके मामले का निराकरण नहीं हुआ।
एसडीएम कोर्ट में मामला विचाराधीन
पीड़ित की व्यथा सुनने के बाद संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरिते ने सीधे प्रशासन को निशाने मे लेकर आरोप लगाया है कि न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लांजी में लंबित प्रकरण में दिव्यांग युवक ईश्वर बरगइया को बार.बार पेशी पर बुलाया जा रहा है। जबकि अब तक मौके का किसी भी राजस्व अधिकारी द्वारा निरीक्षण तक नहीं किया गया। प्रकरण उर्वशी पति सावालाल बरगइया एवं सुखदेव पिता हिरदेलाल बरगइया के मकान के हिस्से को तोड़े जाने से संबंधित मामला वर्तमान में एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है।
पटवारी ने 20 पंचनामे तैयार किया
आरोप है कि दिव्यांग ईश्वर बरगइया को लगभग 100 बार एसडीएम कार्यालय बुलाया गया जहां वह अपनी वृद्ध मां उर्वशी और छोटी बहन गीता के सहारे पेशी में पहुंचता रहा। समरिते ने यह भी कहा कि एक ही प्रकरण में पटवारी द्वारा अलग.अलग लगभग 20 पंचनामे तैयार किए गए जो राजस्व प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उनका आरोप है कि अब तक किसी सक्षम राजस्व अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का गंभीरता से परीक्षण नहीं किया। पूर्व विधायक समरिते ने मांग की है कि प्रकरण का शीघ्र एवं निष्पक्ष निराकरण कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए ताकि शासन.प्रशासन के प्रति विश्वास स्थापित हो सके।