हरदीप पुरी ने स्वीकारा एपस्टीन से तीन चार बार मुलाकात हुई - rashtrmat.com

हरदीप पुरी ने स्वीकारा एपस्टीन से तीन चार बार मुलाकात हुई

राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली(ब्यूरो)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में भाषण के दौरान एपस्टीन फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का जिक्र किया जिसके बाद पुरी ने जवाब दिया है।पुरी ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका के यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की एपस्टीन फाइल्स अपराधों के बारे में है, जबकि उनका इससे कोई लेना.देना नहीं है।उन्होंने कहा कि उनकी मुलाकात एपस्टीन से अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थी।

हरदीप पुरी आखिरकार मान जाएंगे

बात 13 नवंबर 2014 की है… हरदीप सिंह पुरी ने एक ईमेल में अमेरिकी बिजनेसमैन जेफ्री एपस्टीन और लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन को लिखा कि अब वे ‘गुडी गुडी’  आइडिया की बजाय इंटरनेट पर आधारित नए बिजनेस आइडिया पर काम करने के लिए तैयार हैं। इस पर एपस्टीन ने जवाब दिया कि उसे पता था कि हरदीप पुरी आखिरकार मान जाएंगे।इससे करीब एक महीने पहले 2 अक्टूबर 2014 को उनकी मुलाकात हुई थी। उसके बाद एपस्टीन ने हॉफमैन से ईमेल में पूछा, “क्या आपको हरदीप काम के लगे?” हॉफमैन ने छोटा सा जवाब दिया – ‘कॉम्प्लिकेटेड’ – और फिर बात को स्काइप पर आगे बढ़ाया। इसके बाद 24 अक्टूबर 2014 के एक और ईमेल से पता चलता है कि हरदीप सिंह पुरी ने एपस्टीन की सहायक को भारत में शादी में शामिल होने के लिए जल्दी वीजा दिलाने में मदद की।

तो भारतीय को पहले मारो

इसके एक साल बाद दिसंबर 2015 में, एपस्टीन ने हरदीप पुरी का एक ईमेल नॉर्वे के डिप्लोमैट तेर्जे रॉड-लार्सन को फॉरवर्ड किया। इस ईमेल में उन्होंने “कॉफी के लिए समय” मांगा था।इस मेल पर नॉर्वे के डिप्लोमैट तेर्जे रॉड-लार्सन ने जवाब में कहा, “क्या आपने यह कहावत सुनी है: जब भी किसी भारतीय और सांप से मिलो, तो भारतीय को पहले मारो!”

कुछ नए दस्तावेज जारी किए

30 जनवरी को अमेरिका के न्याय विभाग एपस्टीन मामले से जुड़े कुछ नए दस्तावेज जारी किए। इनसे पता चलता है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (उस समय हाल ही में रिटायर हुए राजनयिक थे और बीजेपी में शामिल हुए थे) ने 2014-15 के दौरान जेफ्री एपस्टीन के साथ ईमेल पर बातचीत की थी। इन ईमेल में पुरी मुख्य रूप से भारत की आर्थिक प्रगति और विकास के बारे में अपनी बात रख रहे थे। 

 हरदीप पुरी ने क्या जवाब दिया

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “आठ साल में शायद दो या तीन मीटिंग का जिक्र है… उस नोट में, मैंने उन्हें बताया कि UN में भारत के राजदूत के तौर पर रिटायर होने के कुछ महीने बाद मुझे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।उन्होंने आगे कहा, “यह IPI में एक कमीशन था जिसे यह देखने के लिए बनाया गया था कि यूनाइटेड नेशंस अपनी 75वीं सालगिरह के मौके पर अपने मकसद के लिए फिट है या नहीं… इसके चेयरमैन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री थे… IPI में मेरे बॉस मिस्टर तेर्जे रॉड-लार्सन थे। वे इस बदनाम व्यक्ति एपस्टीन को जानते थे और IPI या ICM के एक डेलीगेशन के हिस्से के तौर पर मैं मिस्टर एपस्टीन से कुछ मौकों पर मिला – तीन या ज्यादा से ज्यादा चार बार।”

3 ईमेल साझा किए हैं- पुरी

पुरी ने आगे स्पष्ट किया, “इस पूरे 8 सालों में, एपस्टीन के साथ केवल दो संदर्भ और एक ईमेल आदान-प्रदान हुआ है क्योंकि इन लोगों ने ही मुझे उनसे मिलवाया था। ईमेल आदान-प्रदान में, जिसकी प्रति एपस्टीन को भी भेजी गई थी, मैं लिंक्डइन के पूर्व प्रमुख रीड हॉफमैन को बता रहा हूं। एपस्टीन फाइल्स, गलत कामों, क्रिमिनल अपराधों के बारे में हैं। मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था।”

पुरी पर क्या है आरोप

अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के दस्तावेज सार्वजनिक किए जा रहे हैं, जिसमें कई भारतीय लोगों के नाम सामने आए हैं। पुरी पर आरोप है कि उन्होंने एपस्टीन के साथ ईमेल साझा किए थे और उनकी मदद की थी। पुरी पर एपस्टीन की सहायक को भारतीय वीजा दिलाने का भी जिक्र ईमेल में है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद  ने पुरी के ऐसे ही ईमेल को एक्स पर साझा किया है।