सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की मौत पर संजय गांधी अस्पताल में हंगामा - rashtrmat.com

सड़क दुर्घटना में घायल मरीज की मौत पर संजय गांधी अस्पताल में हंगामा

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में सड़क दुर्घटना में घायल विवेक अग्निहोत्री की इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डाॅक्टर विमल आदि ने विवेक अग्निहोत्री का इलाज नहीं किया। चार घंटे तक मरीज बिस्तर पर पड़े रहा।


विमल का एक्सीडेंट हो गया था
मृतक के भाई महेन्द्र अग्निहोत्री ने बताया कि उनका भाई विवेक अग्निहोत्री सतना जाते समय रामपुर बघेलान के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। पहले उन्हें रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया। सतना में हालत गंभीर बताकर डाॅक्टरों ने उन्हें रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय भेज दिया। विवेक अग्निहोत्री निपानिया वार्ड क्रमांक.1 के निवासी थे।
हालत स्थिर बताने का आरोप
मृतक के साले रवि सिंह तिवारी के अनुसार अस्पताल पहुंचने के बाद डाॅक्टरों ने सीटी स्कैन और एमआरआई कराई। जांच में पैरों की हड्डियां टूटने और पसलियों में चोट होने की बात कही गई। परिजनों का आरोप है कि डाॅक्टरों ने उन्हें आश्वस्त किया था कि मरीज की हालत स्थिर है। जान का कोई खतरा नहीं है और बाहर ले जाने की जरूरत नहीं है। जब विवेक को लाए थे तब वो बोल रहे थे। चार घंटे बाद डाॅक्टरों ने कहा कि उनके पैर कही हड्डी टूट गयी है। इसलिए ब्लड मस्तिष्क तक नहीं जा रहा है।


कान से खून निकला
रवि सिंह तिवारी का कहना है कि इलाज के दौरान विवेक अग्निहोत्री के कान से खून गिर रहा था। कई बार डाॅक्टरों को बताया गया लेकिन डाॅक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और दोबारा जांच करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उनका उपचार शुरू हो जाता तो वो बच सकते थे।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
मरीज विवेक अग्निहोत्री की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। जो कि बहुत देर तक चलता रहा। परिजनों ने डाॅक्टर विमल आदि के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने उपचार में लापरवाही किया।


जांच के लिए कमेटी गठित
मामले में संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के अधीक्षक डाॅ. राहुल मिश्रा ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मरीज को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।