राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। तहसील किरनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मडकापार में सुदूर सड़क योजना के तहत बनाए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी की जा रही है। यह सड़क कपूरचंद के घर से आवासटोली तक बनाई जा रही है। जिसकी कुल लंबाई लगभग 1800 मीटर है। इस सड़क निर्माण की स्वीकृत लागत करीब 18 लाख रुपये है। जिसमें से 6 लाख रुपये मनरेगा योजना के तहत मजदूरी भुगतान के लिए निर्धारित हैं।

मजदूरों को काम नहीं दिया गया
यहाँ के ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य में मनरेगा के मजदूरों से काम न कराकर भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है।ग्रामीणों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि यदि मशीनों से ही काम कराना था, तो फिर मजदूरी मद में राशि क्यों दर्शाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बड़ी संख्या में मजदूर उपलब्ध हैं, इसके बावजूद उन्हें रोजगार नहीं दिया जा रहा।जिससे शासन की रोजगार गारंटी योजना का उद्देश्य ही समाप्त होता नजर आ रहा है।
मामले की जांच की जाए
आरोप है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से मशीनों का प्रयोग कर कार्य कराया जा रहा है। जिससे मजदूरों को उनके हक के रोजगार से वंचित किया जा रहा है। वहीं इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत सचिव ने सफाई देते हुए कहा है कि जहां.जहां मजदूरों की आवश्यकता पड़ती है,वहां उनसे काम कराया जाता है। जबकि शेष कार्य मशीनरी से कराया जा रहा है। हालांकि नियमों के अनुसार मनरेगा अंतर्गत सड़क निर्माण में मशीनों का उपयोग सीमित और विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ताकि मजदूरों को उनका अधिकार मिल सके।