राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मकर संक्रांति पर्व के दौरान पतंगबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मृणाल मीना ने आमजन की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जिले में चाइनीज मांझे पर पूर्णत: प्रतिबंध के आदेश जारी किये है।

रासायनिक लेपित मांझा प्रतिबंधित
जारी आदेश के अनुसार जिले में नायलॉन, प्लास्टिक अथवा किसी भी प्रकार के सिंथेटिक पदार्थ से निर्मित पतंग उड़ाने वाले धागे (चाइनीज मांझा) के निर्माण, भंडारण, विक्रय एवं उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस प्रकार का मांझा अत्यधिक धारदार होने के कारण आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों व युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा यह पशु-पक्षियों के लिए भी घातक है तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। मकर संक्रांति के दौरान केवल पारंपरिक सूती धागे से पतंग उड़ाने की अनुमति होगी, वह भी इस शर्त पर कि धागे में कांच, धातु अथवा किसी अन्य खतरनाक पदार्थ का प्रयोग न किया गया हो। किसी भी प्रकार का संशोधित या रासायनिक लेपित मांझा प्रतिबंधित रहेगा।
सूती धागे का ही प्रयोग करें
जिले के समस्त थाना प्रभारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिले में सघन निगरानी कर बाजारों में चाइनीज मांझे की बिक्री पर विशेष नजर रखे और अवैध रूप से मांझा बेचने या उपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या दुकानदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे मकर संक्रांति का पर्व सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाएं तथा चाइनीज मांझे का उपयोग न कर सूती धागे का ही प्रयोग करें।