राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट (ब्यूरो)। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी निजी वाहन के डीजल टैंक की क्षमता 45 लीटर है लेकिन रिकार्ड में एक ही बार में 76 लीटर 73 लीटर और 71 लीटर तक डीजल भरवाया जाना दर्शाया गया है।

डीजल की चोरी की गयी
पूर्व सांसद ने कहा कि सूचना का अधिकार के तहत यह जानकारी उन्हें मिली है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी वाहन के डीजल टैंक की अधिकतम क्षमता ही 45 लीटर है, तो उसमें 70 लीटर से अधिक डीजल कैसे भरा जा सकता है। यह तकनीकी रूप से असंभव है और इससे स्पष्ट होता है कि डीजल की हेराफेरी और चोरी की गई है।
मामले की जांच की जाए
कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया कि यह मामला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और डीजल घोटाले की ओर इशारा करता है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

बालाघाट को गंदा पानी मिल रहा
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि नगर पालिका बालाघाट को इतना गंदा पानी दे रही है कि न पीने लायक न कपड़े धोने के काबिल। उन्होंने प्रेस वार्ता में एक बरनी में गंदा पानी लेकर आए हुए थे। उन्होंने दावा किया कि यह पानी 5 जनवरी को नगर पालिका द्वारा उनके घर में सप्लाई किया गया था। चाहे तो इसकी जांच करवा सकती है नगर पालिका।
पूर्व सांसद ने बरनी में रखे पानी को दिखाते हुए कहा कि यह पानी पीने तो दूर कपड़े धोने लायक भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यही स्थिति नगर के कई वार्डों की है। जहां नागरिकों को बेहद गंदा और दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पाइपलाइन में भ्रष्टाचार
कंकर मुंजारे ने नगर में जलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन पर कहा कि नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी आपसी मिलीभगत से घटिया गुणवत्ता की पाइपलाइन बिछवा दी है। पाइपलाइन की मोटाई मानकों से कम है। जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई वार्डों में पाइपलाइन नालियों के अंदर से बिछाई गई है। यदि ऐसी पाइपलाइन में जरासा भी छेद हो जाए तो गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल सकता है। जिससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

CMO पर संरक्षण का आरोप
पूर्व सांसद ने सीधे तौर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी बीडी कतरोलिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके संरक्षण में नगर पालिका के कई कार्यों में भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों की अनदेखी और संरक्षण के कारण ही गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
इंदौर में ये कैसे हो गया
वार्ता के दौरान कंकर मुंजारे ने इंदौर जलकांड को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो शहर स्वच्छता के नाम पर तीन बार अवार्ड ले चुका हो, वहां ऐसी घटना का होना बेहद निंदनीय है।पूर्व सांसद ने मांग की कि नगर पालिका की जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन कार्य और गुणवत्ता की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए। ताकि आम नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।