राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। इंदौर में दूषित पानी की वजह से 15 बच्चों की मौत के बाद से बालाघाट में भी गंदे नाले से होकर पेयजल पाइप के जाने पर सवाल उठ रहे हैं। वैसे इस मामले में नगर पालिक सीएमओ दावा कर रहे हैं कि 15-20 दिनों में पेयजल पाइप को दूषित नाले से अलग कर दिया जाएगा। वहीं इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने सिस्टम और अपनी विधायक पत्नी अनुभा मुंजारे पर भी सवाल उठाएं है।

इंदौर जैसी घटना की आशंका
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा है कि नागरिकों में इंदौर जैसी घटना की आशंका पैदा हो गई है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों की घटनाओं के बाद शहरवासी चिंतित हैं। पहले भी नलों से गंदा पानी आने की शिकायतें मिलती रही हैं।दरअसल नई जलावर्द्धन पेयजल योजना के तहत ठेकेदार ने बड़ी और छोटी पेयजल पाइपलाइनों को गंदे पानी की निकासी वाले नालों और नालियों से निकाला है। इसी कारण अब शहरवासियों को इंदौर जैसी घटना का डर सताने लगा है।
MLA पर सवाल नहीं उठाने से नाराजगी
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया है कि शहर के आधा दर्जन से अधिक वार्डों में पेयजल आपूर्ति लाइनें गंदे पानी के नालों और नालियों से होकर गुजर रही हैं। उन्होंने शहरी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 03, 04, 10, 15, 16, 17, 18 और 32 का विशेष उल्लेख किया।मुंजारे ने नगरपालिका में विपक्षी कांग्रेस और विधायक पत्नी अनुभा मुंजारे पर इस मामले में नागरिकों की आवाज न उठाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने विधायक मुंजारे के विधानसभा में नगरीय प्रशासन मंत्री का आभार व्यक्त करने पर भी सवाल खड़े किए।

20 दिनों में पाइपलाइन हटाएंगे
इस संबंध में नगरपालिका सीएमओ बीडी कतरोलिया ने बताया कि शहर में निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर गंदे पानी की निकासी के पुलिया के नीचे पाइपलाइनें डाली गई हैं। इन स्थानों को चिन्हित कर इंजीनियरों को सूचित कर दिया गया है।सफाई के दौरान पाइपलाइन को नुकसान होने से गंदा पानी घरों में जाकर बीमारी फैला सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी सभी जगहों पर 15 से 20 दिनों के भीतर पाइपलाइनों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।