राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक बालाघाट जिला आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त हो गया है। लेकिन सुरक्षा बल किसी भी तरह के नक्सली खतरे को हल्के में नहीं ले रहा है। इसी सतर्कता का नतीजा है कि जिले के रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुगलाई वनक्षेत्र के घोघरा नाला के पास नक्सलियों द्वारा छिपाया गया विस्फोटकों का एक डंप बरामद किया गया है। यह बरामदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि माओवादी ने जंगलों में अपनी सक्रियता के दौरान भविष्य में बड़ी व हिसंक घटना को अंजाम देने का प्री.प्लान तैयार करके रखा था। जिसे अब सुरक्षाबल निरंतर नेस्तनाबूत कर रहे है।

संवेदनशील है दुगलई क्षेत्र
खुफिया एजेंसी से प्राप्त सटीक पाइंट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। यहां सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि अज्ञात माओवादियों ने दुगलाई वनक्षेत्र में एक संभावित बम और विस्फोटक सामग्री छिपा रखे हंै। यह इलाका आमानला कैंप से लगभग 1.6 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित है।पहले भी नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। जहां खुफिया अलर्ट मिलते ही 123 बटालियन के जवानों को शामिल करते हुए एक विशेष निगरानी और तलाशी अभियान की योजना बनाई गई। 02 जनवरी 2026 को सुबह 8.30 बजे जवानों ने रणनीतिक तरीके से जंगल में प्रवेश किया और पूरे इलाके में घेराबंदी कर सर्च आॅपरेशन चलाया।
विस्फोटक सामग्री मिली
जहां सर्च के दौरान जवानों को जमीन में छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री मिली। जिसे सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। जिसकी तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। जो बड़ी नक्सली साजिश का हिस्सा थी। यहां जवानों को मौके से 4 नग इलेक्ट्रोनिक डेटोनेटर, जिलेटीन राडएविस्फोटक पाउडर 375 ग्राम, 4 किलो एएनएफओ विस्फोटक, 5 नग फ्लैसिकबल ब्लास्टिंग वायर 40 फीट तांबे का तार 2 नग बैटरी 01 नग ड्रम लगभग 02 किलो कील, काली टोपी, 02 किलो कांच के टुकड़े और 02 टार्च बरामद हुए। इतनी मात्रा में विस्फोटक और उपकरण किसी बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा हो सकते थे।इसके पूर्व भी जवानो को भगतपुर कुंआगोदी मार्ग के भजीपार जंगल के बीच नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप मिला था। जिसमें नगद राशि भी शामिल थी। यह आत्मसमर्पित नक्सली दीपक चंदू की निशानदेही पर बरामद किया था।