राष्ट्रमत न्यूज रायुपर(ब्यूरो)। नक्सली हिड़मा का साथी बारसे देवा जिस पर 50 लाख का इनाम है, खबर है कि वो भी सरेंडर करना चाहता है। मीडिया में इस तरह की खबर से जाहिर है कि वो हिड़मा की तरह मरना नहीं चाहता। जबकि नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर को लेकर अब भी सवाल उठ रहे है। पुलिस उसे नहीं मार सकती। उसने सरेंडर किया था। सच अपनी जगह है। लेकिन सवाल यह है कि आन्ध्र की पुलिस ने हिड़मा का एनकाउंटर कर दिया था, ऐसे में बारसे देवा छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने की बजाय तेलंगाना में क्यों कर रहा है? जबकि वो सुकमा का है।

पुलिस क्या उसे सरेंडर करने देगी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 50 लाख का इनामी नक्सली बारसे देवा को क्या पुलिस सरेंडर करने देगी। जबकि वो भी झीरम हमले में हिड़मा के साथ था। पुलिस की डायरी में वो कई बड़े हमले में साथ था। ऐसे में पुलिस उसे सरेंडर क्यों करने देगी। जाहिर है कि उसका भी एनकाउंटर पुलिस न कर दे इसलिए मीडिया में खबर नक्सली लीडर चलवा रहा है कि वो सरेंडर करना चाहता है। इससे यह होगा कि पुलिस चाहकर भी उसका एनकाउंटर नहीं करेगी। तेलंगाना उसने इसलिए चुना है कि वहां उसने कोई अपराध नहीं किया है।जबकि छत्तीसगढ़ में उसके अपराध की लंबी सूची है। हिड़मा की तरह छग की पुलिस उसका एनकाउंटर कर देगी इससे बचने उसने तेलंगाना अपने लिए चुना।
नक्सल संगठन के लिए झटका
बारसे देवा की उम्र 48 साल बताई जाती है। उसे हेमला देवल, देवलू, देवन्ना, बारसे सुक्का और साईनाथ के नामों से भी जाना जाता है।वह नक्सल संगठन में एसजेडसीएम कैडर का अधिकारी है।वर्तमान में वह नक्सल संगठन पीएएलजीए में बटालियन 1 का प्रभारी है।देवा के पास एके.47 जैसे हथियार है।छत्तीसगढ़ सरकार ने उसके ऊपर 25 लाख रुपए का इनाम रखा है।ऐसे में भले ही देवा ने पड़ौसी राज्य में भी सरेंडर करना चाहता है। मगर यह बस्तर में नक्सल संगठन के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

हिड़मा ही नक्सल संगठन को जिंदा रखा
बारसे देवा हिड़मा का सबसे करीबी बताया जाता है। 18 नवंबर 2025 को नक्सलियों के सबसे बड़े कमांडरों में शामिल रहे माड़वी हिड़मा को सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सितारामा राजू जिले में ढेर कर दिया था। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद बस्तर में नक्सल संगठन लगभग पूरी तरह से चरमराया हुआ है। उसमें बारसे देवा हिड़मा का सबसे करीबी था। हिड़मा ही बस्तर में नक्सल संगठन को जिंदा रखे हुए था। लेकिन उसके जाने के बाद संगठन लगभग बिखर चुका हैण् जिसके बाद से ही बारसे देवा के सरेंडर की भी कई बार बात सामने आ चुकी है। क्योंकि देवा के पास भी अब कोई रास्ता नहीं बचा है। बारसे देवा हिड़मा के पूवर्ती गांव का ही रहने वाला है। उसकी मां ने भी उससे सरेंडर की अपील की थी।
50 लाख का इनामी था देवा पर
शीर्ष नक्सली हिड़मा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसे देवा कल सरेंडर करने की सूचना मिल रही है। बारसे देवा तेलंगाना के डीजीपी के सामने हैदराबाद में तीन जनवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर सकता हैं। देवा आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें कि बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सल संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद बारसा देवा को पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद से वह संगठन की सैन्य गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहा था।
सबसे खतरनाक टीम है बटालियन नंबर 1
नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को नक्सल संगठन की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। इसी का कमांडर बारसे देवा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन 3 जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव रहा है। हालांकि, अब फोर्स ने इस टीम को काफी बैकफुट कर दिया है। इस टीम में AK-47, इंसास, SLR, स्नाइपर गन जैसे हथियारों से लैस सैकड़ों नक्सली थे। टेकलगुडेम, बुरकापाल, मिनपा, ताड़मेटला, टहकवाड़ा में नक्सलियों की इसी टीम ने बड़े हमले किए थे। जिसमें सैकड़ों जवानों की शहादत हुई है।