राष्ट्रमत न्यूज कटंगी(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के तहसील मुख्यालय कटंगी में धनकोषा धान खरीदी केंद्र बंद होने से चारा गांवों के किसान सोमवार को किसान गर्जना के नेतृत्व में आंदोलन की धमकी दिये हैं। धनकोषा, पौनिया, डोंगरगांव और बोल डोंगरी के किसान इस आंदोलन में शामिल होगें।
आंदोलन की धमकी
किसान गर्जना के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष राहंगडाले और ब्लाक अध्यक्ष भरतलाल बिसेन ने बताया कि शुक्रवार को धनकोषा में किसानों ने सोसायटी प्रबंधक से चर्चा कर धान खरीदी केंद्र को यथावत रखने की मांग की है। जिसके बाद गांव में बैठक कर यह निर्णय लिया गया है कि अगर सोमवार तक केंद्र को यथावत रखे जाने का प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
किसानों ने दी चेतावनी
धनकोषा में करीब 50 वर्षों से सोसायटी का संचालन होता है और यहीं पर 08 गांवों के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी होती है। दो वर्ष पूर्व 04 गांवों के किसानों को परिवहन में होने वाली समस्या को देखते हुए बोथवा को उपकेंद्र बनाया गया अब बोथवा उपकेंद्र को प्रमुख धान खरीदी केंद्र बना दिया गया है और धनकोषा केंद्र को बंद कर दिया गया है। जिससे 04 गांवों के किसानों में आक्रोश है। किसान धनकोषा को यथावत केंद्र बनाने की मांग कर रहे है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र को पुनरू प्रारंभ नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदेही प्रशासन की होगी।
केन्द्र को लेकर विवाद गहराया
इस वर्ष नागरिक आपूर्ति निगम के जरिए समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी हो रही है। इस विभाग के पास कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में विभाग ने धनकोषा की बजाए बोथवा में ही खरीदी केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। विभाग के इस निर्णय का 04 गांवों के किसान विरोध कर रहे है। इन किसानों का कहना है कि धनकोषा को यथावत प्रमुख केंद्र और बोथवा को उपकेन्द्र रखा जाए ताकि किसानों को परेशान ना होना पड़े। 01 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हो चुकी है किंतु धनकोषा में केंद्र को लेकर चल रहे विवाद के कारण किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे है। किसानों ने अपने घरों में अपनी उपज को लाकर रखा है जिसकी निगरानी के बीच अब उन्हें केंद्र को यथावत रखने के लिए अलग से लड़ाई लड़नी पड़ रही है।