राष्ट्रमत न्यूज रीवा(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश सरकार का सख्त आदेश है कि कोई भी किसान पलारी नहीं जलाएगा। रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने भी आदेश जारी किया है। पलारी जलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना के साथ सजा का भी प्रावधान है।ढाई हजार से 15 हजार तक का जुर्माना है। सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के पालन के लिए कलेक्टर और प्रशासन यह आदेश जारी किये हैं। लेकिन रीवा में कलेक्टर के आदेश को किसान नहीं मानते।

आग खेत में फैल रही
रीवा जिले के अतरैला में सोनू पटेल और दल गंजन पटेल ने ठसके के साथ खुलेआम पराली जलाई। जिससे आग बेकाबू होकर किसान भान प्रताप पटेल और सरबजीत पटेल के खेतों तक फैल गई। सोशाल मीडिया में आए वीडियो से साफ है कि खेतों में फैलती लपटें साफ दिखाई दे रही हैं।
जिम्मेदार अधिकारी नींद में हैं
कलेक्टर द्वारा पराली जलाने पर सख्त निगरानी और कार्रवाई के लिए पटवारी तहसीलदार,थाना प्रभारी समेत संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन ग्रामीण इलाकों में खुलेआम पराली जलाई जा रही है। कलेक्टर के आदेश को कोई नहीं मानता। लेकिन पलारी जलाने की इस घटना से साफ है कि जिम्मेदार अधिकारी नींद में हैं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश जलता रहेगा
अतरैला में पराली की फैली आग से आसपास की फसल और जमीन को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों की मदद से आग नहीं फैल पाई। और एक गंभीर हादसा टल गया। पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने केसाथ जमीन की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है। जाहिर सी बात है अभी सिर्फ अतरैला में ही पलारी जलाने की घटना हुई है यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गयी तो फिर सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी पलारी की तरह जलता रहेगा। सामने आए वीडियो पर प्रशासन क्या करता है यह अहम सवाल है।