अमित बघेल 3 दिन की पुलिस रिमांड पर, मां के अंतिम संस्स्कार में गांव जाएंगे - rashtrmat.com

अमित बघेल 3 दिन की पुलिस रिमांड पर, मां के अंतिम संस्स्कार में गांव जाएंगे

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने आज रायपुर के देवेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया। उनके सरेंडर की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए।इसी बीच जानकारी मिली है कि अमित बघेल की मां का शुक्रवार को निधन हो गया है। उनका शव पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

तीन दिन की पुलिस रिमांड पर

गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने अदालत को बताया कि बघेल की मां का शुक्रवार को निधन हुआ है, जिसके बाद न्यायालय ने अंतिम संस्कार के लिए उन्हें पुलिस कस्टडी में गांव ले जाने की अनुमति दी।

अपनी जुबान पर लगाम रखें

अमित बघेल आपत्तिजनक बयानों और धार्मिक समुदायों के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामलों में 12 राज्यों में दर्ज FIRs का सामना कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 26 नवंबर 2025 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की थी कि,“अपनी जुबान पर लगाम रखें… जहां-जहां FIR है, वहां कानून की प्रक्रिया का सामना करें।”
इसके बाद से बघेल 26 दिनों से फरार थे। पुलिस के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर देवेंद्र नगर इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। बघेल जैसे ही समर्थकों के साथ थाने के पास पहुंचे, पुलिस ने तुरंत उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान विवाद की आशंका में भारी फोर्स तैनात रही।

पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए पकड़ा

माना जा रहा है कि बघेल अब अपने मातृ-वियोग के आधार पर अस्थायी जमानत का आवेदन अदालत में कर सकते हैं। पुलिस ने पूरी स्थिति को “उच्च जोखिम” श्रेणी में रखा है।  बघेल थाने के बाहर सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन थाने से 20 मीटर पहले ही पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें पकड़ लिया। पुलिस कानूनी तौर इसे गिरफ्तारी बता रही है। लेकिन समर्थकों ने इसका विरोध करते हुए सरेंडर बताया है।

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

 कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा

पुलिस ने कोर्ट परिसर में अतिरिक्त बल, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था तैनात की। अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि गिरफ्तारी के बाद अचानक विरोध बढ़ सकता है। रिमांड मंजूर होने के बाद बघेल को पुलिस स्टेशन वापस ले जाया गया।
27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना के बाद बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के आराध्य झूलेलाल को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने कई जिलों में प्रदर्शन किए और FIR दर्ज करने की मांग की। सिटी कोतवाली सहित कई राज्यों में उनके खिलाफ मामले दर्ज हुए।
आमापारा जी रोड  जाम

दूसरी ओर बघेल के समर्थकों ने आमापारा जी रोड को जाम कर दिया। करीब 2 घंटे तक दोनों तरफ की रोड जाम रही। इसके बाद पुलिस में एक्शन लेते हुए एक तरफ की रोड खोल दी है। जाम की वजह से आम लोगों को मुश्किलें हुई। वहीं पुलिस और समर्थकों दोनों ने अपनी आपसी समझ से एंबुलेंस को पास कराया।

कानून अपना काम करेगा

आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में अमित बघेल करीब 26 दिनों से फरार थे। इसके पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि, अपनी जुबान पर लगाम रखें।जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें। कोर्ट ने साफ कहा था कि कोई राहत नहीं दी जाएगी और कानून अपना काम करेगा।

अमित  के खिलाफ 12 राज्यों में दर्ज हैं मामले

24 नवंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि, वह FIR क्लबिंग जैसे किसी मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं करेगा। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि, पुलिस आपको अलग-अलग राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है।

अमित बघेल का देश भर में सिंधी समाज ने विरोध किया था
मूर्ति विवाद क्या था?
26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी को अगले दिन गिरफ्तार किया। आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया। इस घटना के विरोध में क्रांति सेना और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।अमित बघेल की रिमांड अवधि के दौरान पुलिस उनसे बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की तैयारी कर रही है। उनके खिलाफ दर्ज अलग-अलग FIRs की जांच भी तेज होने की संभावना है। कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए मामले ने राज्य में नई राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है, जो राष्ट्रीय समाचार और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में सुर्खियों में है।