SC\ ST के1531 प्रकरण कोर्ट में गए, 21 दोष मुक्त - rashtrmat.com

SC\ ST के1531 प्रकरण कोर्ट में गए, 21 दोष मुक्त

 राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता और सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी कलेक्टर डॉ सौरभ सोनवणे ने कहा कि समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का तत्परता से पालन करें।बैठक में प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि अनुसूचित जाति तथा जनजाति से संबंधित 1531 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। इस वर्ष 21 आरोपी दोषमुक्त किए गए हैं तथा पाँच प्रकरणों में सजा दी गई है।

राहत राशि स्वीकृत की जा सके

अनुसूचित जाति और जनजाति बहुल क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए शिविर लगाएं। इसमें एसडीएम,
एसडीओपी और जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहें। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करें। जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग पीड़ितों को राहत राशि वितरण के लिए आवंटन की तत्काल मांग करें। सभी अनुभागों में भी बैठकों का नियमित रूप से आयोजन कराएं। पुलिसअधिकारी सभी दर्ज प्रकरणों में तत्काल चालान प्रस्तुत कर दें जिससे पीड़ितों को राहत राशि स्वीकृत की जा सके। 

शासन से पर्याप्त आवंटन

बैठक में समिति के सदस्य विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि बैठक से 15 दिवस पूर्व बैठक का एजेण्डा और कार्यवाही विवरण सदस्यों को उपलब्ध कराएं। पत्र के साथ- साथ मोबाइल फोन के माध्यम से भी बैठक के आयोजन की सूचना दें। अनुसूचित जाति और जनजाति के पीड़ितों के लिए राहत राशि आवंटन की जानकारी दें जिससे शासन से पर्याप्त आवंटन प्राप्त करने के लिए प्रयास किया जा सके। अनुसूचित जाति-जनजाति की पीड़ित महिला को पात्र होने पर विवाह सहायता उपलब्ध कराएं।

भुगतान के लिए लंबित
बैठक में प्रभारी जिला संयोजक रूचि तिवारी ने एजेण्डा बिन्दुओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष अनुसूचित जाति के दर्ज 259 प्रकरणों में से 208 में तथा अनुसूचित जनजाति के 134 प्रकरणों में से 114 में राहत राशि का वितरण कर दिया गया है। शेष प्रकरण आवंटन न होने से भुगतान के लिए लंबित हैं।