राष्ट्रमत न्यूज,रीवा (ब्यूरो)। मध्यप्रदेश अजब-गजब है। बीजेपी शासन में ही एमपी को ऐसा नाम मिला है। स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के रीवा शहर में हमेशा अस्पताल में अजब-गजब ही होता है। स्ट्रेचर में मरीज को लाने की व्यवस्था अस्पताल में ही होता है। लेकिन एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है,जिसमें स्ट्रेचर में एक मरीज शहर में घूमता हुआ अस्पताल पहुंचता है। ऐसा लगता है कि स्ट्रेचर में कोई घूमना चाहे तो संजय गांधी अस्पताल से उठा सकता है। स्ट्रेचर पर मरीज को अस्पताल से बाजार तक ले जाना पड़ा मरीज। यह तस्वीर निजी एम्बुलेंस व्यवस्था पर सवाल है ही साथ सरकारी एम्बुलेस पर भी सवाल है।उससे पहले अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।

सांई मंदिर तक क्यों जाना पड़ा
सोशल मीडिया तेजी से वायरल वीडियो में परिजन अस्पताल से स्ट्रेचर पर मरीज को लेकर बाहर बाजार तक भटकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल में निजी एम्बुलेंस के लिए टोकन व्यवस्था लागू है, इसके बावजूद निजी एम्बुलेंस संचालक अस्पताल परिसर के बाहर साईं मंदिर के पास मरीज का इंतजार कर रहे थे।

अस्पताल की बड़ी चूक
परिजनों ने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस चालक ने उन्हें अस्पताल से बाहर बुलाया और वहीं से मरीज को अपनी गाड़ी में ले गया। इस दौरान मरीज को स्ट्रेचर पर दूर तक ले जाना पड़ा जो न सिर्फ अमानवीय दृश्य था बल्कि अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था की भी बड़ी चूक को उजागर करता है।

दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि वीडियो हमने देखा है। निश्चय ही यह गलत है। मामले की जांच करने का आदेश दिया गया है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। सवाल यही है कि जब टोकन व्यवस्था मौजूद है,तब भी मरीजों को इस तरह क्यों परेशान होना पड़ रहा है?इस बार एंबुलेंस चालकों की मनमानी उजागर हुई है।