राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। देशव्यापी ट्रेड यूनियन की हड़ताल का असर गुरुवार को बालाघाट में भी देखने को मिला। सीटू (CITU) से जुड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एकता संघ और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ने काम बंद कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस विरोध प्रदर्शन के कारण शहर के आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे और दवा वितरण का कार्य भी प्रभावित हुआ।

प्रशासन का ध्यान खींचा
हड़ताल के दौरान सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बस स्टैंड पर एकत्र हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और धरना दिया।हालांकि, शहर के व्यावसायिक बाजारों में ‘भारत बंद’ का व्यापक असर नहीं दिखा, लेकिन आवश्यक सेवाओं से जुड़े इन कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी ने प्रशासन का ध्यान खींचा।
बजट से हाथ लगी निराशा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष अंजलि बिसेन ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उन्हें बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन केंद्रीय बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने इस बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताया और कहा कि सरकार उनकी मेहनत की अनदेखी कर रही है।

17 सूत्रीय मांगें
= आंदोलन के जरिए संगठनों ने सरकार के समक्ष 17 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित करना और दूसरे विभागों के काम के लिए अतिरिक्त भुगतान की मांग शामिल है।
= आंगनबाड़ी केंद्रों का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे के बजाय दोपहर 3 बजे तक करने का आग्रह किया गया है। कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रेकर ऐप में आने वाली नेटवर्क समस्याओं का मुद्दा भी उठाया और फेस प्रक्रिया को महीने में केवल एक बार करने की मांग की।
= हड़ताल के कारण मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने भी अपने कार्यों का बहिष्कार किया, जिससे दवा कंपनियों की सप्लाई चैन पर असर पड़ा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।