कान्हा नेशनल पार्क में कल से आएंगे पर्यटक,विदेशी पर्यटकों को विशेष सुविधा - rashtrmat.com

कान्हा नेशनल पार्क में कल से आएंगे पर्यटक,विदेशी पर्यटकों को विशेष सुविधा

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मध्य प्रदेश का कान्हा राष्ट्रीय उद्यान तीन माह के लंबे इंतजार के बाद पार्क कल 01 अक्टूबर से पुन प्रारंभ हो रहा है। जहां अब विदेशी सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों के लिए कान्हा नेशनल पार्क खुल गया है। इन शुरूआती दिनों में आसानी से उन्हे बाघों के अलावा अन्य वन्यप्राणी देखने को मिलेगा। विदेशी पर्यटकों को अंग्रेजी में गाइड किया जाएगा।


सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान
कान्हा नेशनल पार्क देश विदेश में विख्यात है। दूर दूर से पर्यटक बाघ देखने कान्हा पार्क आते है। साथ ही टायगर शो व ऐलिफेंट बाथिंग से प्रदेश सरकार को विदेशी राजस्व भी मिलता है। कान्हा नेशनल पार्क बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित बैहर तहसील में स्थित है। जिसका आधा भाग मण्डला जिला में आता है और बाकी कोर फारेस्ट सूपखार से होते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ है। इसलिये कान्हा उद्यान मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।


बंगाल टाइगर सहित अनेक वन्यप्राणी
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1879 में आरक्षित वन घोषित किया गया था और 1933 में इसे वन्यजीव अभयारण्य के रूप में पुनर्मूल्यांकित किया गया। 1955 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया। वही 1973 में बाघ अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया। इसका क्षेत्रफल लगभग 940 वर्ग किलोमीटर है। बफर और कोर जोन को मिलाकर कान्हा बाघ अभयारण्य का कुल क्षेत्रफल 1945 वर्ग किलोमीटर है। शाल, तेंदु, महुआ, और हल्दू जैसे पेड़, विशाल घास के मैदान और जलधारा, इसकी पहचान है। वही रायल बंगाल टाइगर भारतीय तेंदुआ, स्लाथ भालू,जंगली कुत्ते, गौर, चीतल,सांभर, और बारासिंघा यहां की विशेष पहचान है।कान्हा नेशनल पार्क का गढ़ी क्षेत्र में मौजूद सूपखार इलाका सुप्रसिद्ध है। जहां का वातावरण हरियाली, लंबी घास बरबस ही पर्यटको को अपनी ओर आकर्षित करती है। कह सकते हैं कि अपनी समृद्ध वन्यजीव विविधता के लिए ही यह पार्क प्रसिद्ध है। यहाँ का सबसे प्रमुख आकर्षण बारहसिंगा है, जिसे कान्हा का गहना भी कहा जाता है। यहाँ सबसे ज्यादा आनंद लेने के लिए सबसे अच्छी जगह बम्मी दादर है, जिसे सूर्यास्त बिंदु के रूप में भी जाना जाता है। यही वजह है कि सैलानी ज्यादातर कान्हा नेशनल पार्क आना पंसद करते है।
विदेशी पर्यटकों को विशेष सुविधा
विदेशी पर्यटकों को गाइड करने की व्यवस्था अब तक नहीं थी लेकिन अब उन्हें अंग्रेजी में गाइड करने वाले रहेंगे।विशेष रूप से विदेशी नागरिकों के लिए इकोटूरिज्म के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आत्म परिचय पर्यटकों के प्रश्नों का उत्तर देने और अंग्रेजी में जानकारी साझा करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना। वही प्रशिक्षण के सफल समापन पर गाइडों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। गाइडों ने इस प्रशिक्षण के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश इकोटूरिज्म विकास बोर्ड और कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन को धन्यवाद देकर आभार जताया।